Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Happy Teachers Day 2026: शिक्षक दिवस क्यों मनाया जाता है? जानें इतिहास और महत्व शुभ जन्माष्टमी: भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव पर देशभर में भक्ति और उल्लास Lucknow: महापौर सुषमा खर्कवाल ने सैन्य अधिकारियों संग मनाया रक्षाबंधन Shubhash Chandra Case: 6.5 करोड़ में रफा-दफा हो गया सुभाष चंद्रा का 22 हजार करोड़ का कर्ज, बैंक झेले... भलस्वा डेयरी में बाइक जब्ती के बाद पुलिसकर्मियों पर हमला, मिर्च पाउडर डालकर पीटने का आरोप चीनी के दाम बढ़ने की मुख्य वजह क्या है ? लोअर बर्थ के नीचे सामान पर किसका हक? योगी आदित्यनाथ सरकार ने 52 प्रमुख नेताओं को दी बुलेटप्रूफ जैकेट, कीमत 10 लाख रुपए.... सीएम योगी के साथ जापानी Gen-Z's.... नंबर-वन लखनऊ के दावों के बीच सामुदायिक केंद्र बना कूड़ा घर..

तस्करी के मामले में दोषी पाया गया भारतीय मूल का शख्स अमेरिका में भारतीयों को दिलाया अवैध प्रवेश

ओंटारियो: कनाडा से संयुक्त राज्य अमेरिका में प्रत्यर्पित किए गए 40 वर्षीय भारतीय मूल के व्यक्ति को मानव तस्करी का दोषी पाया गया है। संयुक्त राज्य अमेरिका अटॉर्नी कार्यालय उत्तरी जिला न्यूयॉर्क ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा, सिमरनजीत सिंह को 28 जून, 2022 को ओंटारियो में हिरासत में लिया गया था और 30 मार्च, 2023 को कनाडा से अमेरिका में प्रत्यर्पित किया गया था। उसने मार्च 2020 से मार्च 2021 के बीच भारतीयों को अवैश रूप से अमेरिका में प्रवेश करवाया। अपना दोष स्वीकार करते हुए सिमरनजीत सिंह ने कहा कि उसने कनाडा के सेंट लॉरेंस नदी क्षेत्र में अकवेसेन मोहॉक भारतीय रिजर्वेशन के माध्यम से कई भारतीयों को संयुक्त राज्य अमेरिका में अवैध रुप से प्रवेश की सुविधा मुहैया करवाई।

क्या मिलेगी सजा?

कनाडा के ब्रैम्पटन में रहने वाले सिमरनजीत सिंह को 28 दिसंबर को सजा सुनाई जाएगी। विज्ञप्ति में कहा गया है कि सिंह को कम से कम पांच साल से लेकर 15 सालों तक की जेल हो सकती है। साथ ही 250,000 अमेरिकी डॉलर तक का जुर्माना और तीन साल तक की निगरानी में रिहाई की सजा का सामना करना पड़ सकता है।

इसमें कहा गया है कि सजा पूरी होने के बाद सिंह को निर्वासन का सामना भी करना पड़ेगा। अप्रैल में जारी दस्तावेज़ों के अनुसार, कुछ प्रवासियों ने अमेरिकी प्रवर्तन अधिकारियोंको बताया कि सिमरनजीत सिंह ने 5,000 35,000 अमेरिकी डॉलर तक का शुल्क लिया और अमेरिका में उनके प्रवेश की सुविधा प्रदान की।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.