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अमेरिका में “हिंदू” राष्ट्रपति कैसे हो सकता है के सवाल पर विवेक रामास्वामी ने दिया ऐसा जवाब कि हो गया वायरल, जानें क्या कहा

अमेरिका में अगले वर्ष राष्ट्रपति का चुनाव होना है। ऐसे में सभी दावेदारों ने अभी से अपने प्रचार-प्रसार में पूरी ताकत झौंक दी है। रिपब्लिकन पार्टी की ओर से प्रमुख उम्मीदवारों में शामिल भारतीय मूल के विवेक रामास्वामी खुद को हिंदू चेहरे के रूप में पेश करके चुनाव लड़ रहे हैं। ऐसे में पहली बार हिंदू राष्ट्रपति की संभावनाओं ने जोर पकड़ लिया है। एक इंटरव्यू के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति की दौड़ में शामिल भारतीय मूल के विवेक रामास्वामी से जब यह पूछा गया कि अमेरिका में ‘हिंदू’ राष्ट्रपति कैसे हो सकता है। तो उन्होंने ऐसा जवाब दिया कि वह सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

अमेरिका के ओहियो में जन्मे उद्यमी और राजनीतिज्ञ विवेक रामास्वामी कई बार अपने भाषणों में कह चुके हैं कि उन्हें अपने हिंदू होने पर गर्व है। वह हिंदू और हिंदू धर्म का बहुत सम्मान करते हैं। उन्होंने अमेरिका में हिंदू धर्म और ईसाई धर्म के सामान्य पहलुओं के बारे में बात की। गुरुवार को सीएनएन टाउनहॉल के दौरान रिपब्लिकन उम्मीदवार विवेक रामास्वामी से आयोवा के एक मतदाता गनी मिशेल ने पूछा, “आप उन लोगों को कैसे जवाब देंगे जो दावा करते हैं कि आप हमारे राष्ट्रपति नहीं बन सकते, क्योंकि आपका धर्म उस धर्म से मेल नहीं खाता है जिस पर हमारे संस्थापकों ने हमारे देश को आधारित किया था?

विवेक रामास्वामी का जवाब हुआ वायरल
अमेरिका में हिंदू राष्ट्रपति कैसे हो सकने के सवाल पर विवेक रामास्वामी ने उत्तर दिया, “मैं एक हिंदू हूं। मैं अपनी पहचान नकली नहीं बनाऊंगा। हिंदू और ईसाई धर्म समान मूल्यों को साझा करते हैं। “मेरी धार्मिक मान्यताओं के आधार पर, मैं समझता हूं कि हर व्यक्ति यहां एक कारण से है और उस कारण को पूरा करना हमारा नैतिक दायित्व है, क्योंकि भगवान हम में से प्रत्येक के भीतर रहते हैं। भले ही भगवान हमारे माध्यम से विभिन्न तरीकों से काम करते हैं। मगर हम सभी समान हैं।”

रामास्वामी ने कहा कि “मेरी परवरिश काफी पारंपरिक थी। मेरे माता-पिता ने मुझे सिखाया कि विवाह पवित्र हैं, परिवार समाज की आधारशिला हैं। जब चीजें काम नहीं करती हैं तो शादी से पहले संयम एक व्यवहार्य विकल्प है, व्यभिचार गलत है। जीवन के सुखों का आनंद लेने के लिए कुछ त्याग करना पड़ता है… वे मूल्य कहीं और से नहीं आए हैं?”

रामास्वामी ने कही ये बड़ी बात
अमेरिकी राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार ने स्वीकार किया, ” मैं इस देश में ईसाई धर्म फैलाने और उसके प्रचार-प्रसार के लिए सबसे अच्छा राष्ट्रपति होऊंगा, नहीं, मैं इसके लिए सही विकल्प नहीं होऊंगा,” लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि वह अभी भी “उन मूल्यों के लिए खड़े रहेंगे जिन पर अमेरिका की स्थापना हुई थी।”

गौरतलब है कि 38 वर्षीय विवेक रामास्वामी दक्षिण पश्चिम ओहियो के मूल निवासी हैं। उनकी मां एक वृद्ध मनोचिकित्सक थीं और उनके पिता जनरल इलेक्ट्रिक में इंजीनियर के रूप में काम करते थे। उनके माता-पिता केरल से अमेरिका चले गए। अगला अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव 5 नवंबर, 2024 को होना है।

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