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क्या अनंतनाग-रजौरी में टल जाएगा लोकसभा चुनाव? जानिए क्या बोलीं महबूबा मुफ्ती

जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (जेकेपीडीपी) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने अनंतनाग-राजौरी निर्वाचन क्षेत्र में चुनाव स्थगित करने की मांग पर सवाल उठाया है. यह चुनाव तीसरे चरण में 7 मई को होने वाला था, लेकिन कुछ राजनीतिक दलों ने मौसम का हवाला देकर चुनाव टालने की मांग की है. महबूबा मुफ्ती ने कुछ राजनीतिक दलों द्वारा अनंतनाग-राजौरी लोकसभा सीट का चुनाव टालने के बारे में बात करते हुए कहा कि उनके विरोधी दल लोगों का जनसैलाब देख के डर गए हैं और चुनाव को स्थगित करने के अब बहाने ढूंढ रहे हैं. उन्होंने एक बार फिर चुनाव आयोग से अपील करते हुए कहा कि लोगों का भरोसा चुनाव आयोग पर है. वे किसी पार्टी के लिए खत्म नहीं करें.

कुलगाम में महबूबा मुफ्ती ने कहा, “क्या इसका मतलब यह है कि अगर बारिश महीनों तक जारी रहेगी तो चुनाव नहीं होंगे? देश में मौसम के हालात कभी इतने खराब नहीं होते. ये महज बहाने हैं, जब उन्होंने लोगों की बाढ़ देखी और डर गए. वे चुनाव स्थगित करना चाहते हैं, लेकिन मैं भारत के चुनाव आयोग से अनुरोध करती हूं कि कृपया चुनाव की तारीख में देरी न करें, क्योंकि कश्मीर के लोगों का चुनाव प्रक्रिया पर से विश्वास उठ जाएगा.”

अनंतनाग-राजौरी से चुनाव लड़ रही हैं महबूबा

महबूबा अनंतनाग-राजौरी निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव में प्रतिद्वंद्विता कर रही हैं. उन्होंने जम्मू-कश्मीर में अनंतनाग-राजौरी लोकसभा सीट के लिए मतदान के दिन के बदलने के प्रस्ताव को लेकर इसके पहले चुनाव आयोग को पत्र लिखा था.

महबूबा मुफ्ती ने कहा कि इसके पहले जम्मू-कश्मीर के इतिहास में कभी भी मौसम के कारण चुनाव आयोग ने चुनाव स्थगित नहीं किया है. उन्होंने दावा किया कि चुनाव को बाद की तारीख के लिए स्थगित करने से सभी पार्टियों को समान अवसर नहीं मिल पाएगा.

चुनाव आयोग को जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग-राजौरी संसदीय क्षेत्र में लोकसभा 2024 के आम चुनाव के लिए मतदान की तारीख को फिर से निर्धारित करने का अनुरोध प्राप्त हुआ है.

चुनाव टालने के प्रस्ताव का किया विरोध

आयोग ने जम्मू-कश्मीर के मुख्य सचिव और मुख्य चुनाव अधिकारी को विभिन्न राजनीतिक दलों, उम्मीदवारों और व्यक्तियों के प्रतिनिधित्व को साझा करते हुए इसकी सूचना दी है. इनमें जम्मू-कश्मीर पीपुल्स कॉन्फ्रेंस से इमरान रजा अंसारी, भाजपा के रविंदर रैना, अपनी पार्टी के अल्ताफ बुखारी, जम्मू-कश्मीर नेशनलिस्ट पीपुल्स फ्रंट, एडवोकेट मोहम्मद सलीम पारे, अली मोहम्मद वानी (एक उम्मीदवार) और अर्शीद अली लोन (एक उम्मीदवार) शामिल हैं.

उन्होंने कहा कि पीडीपी पुनर्निर्धारण प्रस्ताव का दृढ़ता से विरोध करती है जिसका लक्ष्य “हमारे अभियान को पटरी से उतारना” है. भाजपा पार्टी का मुख्यालय जम्मू में है. तो उनके कार्यकर्ताओं को उसे पीर पंजाल तक पहुंचने में कोई कठिनाई नहीं होती है.

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