खंडवा। नाबालिग बालिका से दुष्कर्म के आरोपित को न्यायालय ने 10 वर्ष की सजा सुनाई। विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट प्राची पटेल ने निर्णय पारित करते हुए आरोपित नितेश पुत्र झवरी निवासी ग्राम दियानतपुरा, थाना धनगांव को धारा 4 लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 के आरोप में 10 वर्ष का सश्रम कारावास एवं दो हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया।
अभियोजन की ओर से मामले की पैरवी सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी, रूपेश तमोली ने की। अभियोजन मीडिया सेल प्रभारी हरिप्रसाद बांके ने बबताया कि 28 अप्रेल 2020 को रात में 16 वर्षीय पीड़िता से आरोपित नितेश उसके घर के पास मिला और उससे बोला कि चल भाग चलते हैं, पत्नी बनाउंगा। इस तरह बहला फुसलाकर पीड़िता को लेकर गया और रास्ते में पीड़िता के साथ में दुष्कर्म किया। पीड़िता को पैदल-पैदल सनावद ले गया।
फिर उसके बाद सुबह बाइक पर बैठाकर इंदौर में पीड़िता को एक रूम पर ले गया। वहां पर रुके, पीड़िता और आरोपित नितेश इंदौर से वापस आ गए। आरोपित सनावद में रूक गया और पीड़िता वापस अपने गांव आ गई।
पीड़िता अपने स्वजन के साथ थाना धनगांव में उक्त घटना की रिपोर्ट लिखाई। पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार किया। पुलिस ने अनुसंधान पूर्ण कर आभियोग पत्र न्यायालय में पेश किया। डीएनए रिपोर्ट से भी यह पुष्टि हुई कि आरोपित नितेश ने पीड़िता के साथ दुष्कर्म किया।
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