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चंडीगढ़ ग्रेनेड अटैक: बब्बर खालसा ने ली हमले की जिम्मेदारी, क्यों खालिस्तानियों के निशाने पर कोठी नंबर-575?

चंडीगढ़ के पॉश इलाके सेक्टर-10 में स्थित कोठी नंबर-575 में बीते बुधवार को हैंड ग्रेनेड से हमला हुआ था. घटना के समय परिवार के लोग घर के अंदर मौजूद थे. हैंड ग्रेनेड के फटने के बाद कोठी की खिड़कियों के कांच और गमले तक टूट गए थे. वहीं जहां पर हैंड ग्रेनेड गिरा था, वहां सात से आठ फीट का गड्ढा हो गया था. पुलिस ने जब जांच शुरू की तो पता चला कि ये कोठी पंजाब पुलिस के अधिकारी की है और हमलावर उन्हीं को निशाना बनाने आए थे.

कोठी में हुए बलास्ट मामले में यूएसए बेस्ड आतंकवादी हरप्रीत सिंह उर्फ हैप्पी पासिया के नाम से एक पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है, जिसमें बब्बर खालसा इंटरनेशनल ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है. हालांकि चंडीगढ़ पुलिस और जांच एजेंसियां कई पहलू से इसकी जांच कर रही हैं. मामले में पुलिस ने दो संदिग्ध व्यक्तियों की फोटों भी जारी की है. पुलिस ने सूचना देने वाले को दो लाख देने की घोषणा भी की है.

जांच में जुटी NIA से IB तक

चंडीगढ़ पुलिस के इलावा इस मामले की जांच NIA, AGTF पंजाब इंटेलिजेंस, दिल्ली क्राइम ब्रांच और IB कर रही है. यह कोठी पंजाब के एक रिटायर्ड पुलिस अफसर गुरकीरत चहल की है, जो पंजाब में पनपे आतंकवाद के समय से खालिस्तानी आतंकियों के निशाने पर हैं. जानकारी के मुताबिक, हमलावरों ने गुरकिरत चहल के कोठी में होने की संभावना के तहत यह हमला किया. हालांकि गुरकिरत कई सालों पहले से यहां से परिवार के साथ विदेश जा बसे हैं

खालिस्तानी आतंकियों के टारगेट पर गुरकिरत

सूत्रों के मुताबिक, गुरकिरत चहल को इसलिए खालिस्तानी आतंकियों द्वारा टारगेट किया जा रहा है, क्योंकि उन्होंने पंजाब में आतंकवाद के दौर में काफी काम किया था. इसमें खासतौर पर वर्ष 1986 में नकोदर में हुई बेअदवी की घटना भी शामिल है, जिसमें चार लोग मारे गए थे. इसी कड़ी में ये भी पता चला है कि जब गुरकिरत इस कोठी में रहते थे, उस वक्त भी गुरकिरत को जान से मारने के मकसद से खालिस्तानी आतंकियों द्वारा इस कोठी की रेकी की गई थी.

इस मामले में पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार करके यह खुलासा किया था कि गुरकिरत की कोठी की रेकी यूएसए बेस्ड आंतकवादी हरप्रीत सिंह उर्फ हैप्पी पासिया के इशारे पर की गई थी. वहीं बीते बुधवार को हुई घटना के बाद हैप्पी पासिया नाम से बने एक सोशल मीडिया एकाउंट से पोस्ट की गई, जिसमें इस हमले की जिम्मेदारी लेते हुए बब्बर खालसा इंटरनेशनल से करवाए जाने का दावा किया गया.

कब पुलिस में भर्ती हुए थे गुरकिरत चहल?

पोस्ट में 1986 की नकोदर घटना का जिक्र करते हुए इस घटना में मारे गए चार लोगों की मौत का बदला लेने की बात कही गई. मारे गए उन चार लोगों को फोटो भी पोस्ट में जारी किए गए हैं. बता दें कि अप्रैल 1977 को ASI के पद से पंजाब पुलिस में आने वाले गुरकिरत चहल को एक जुलाई 1983 को सब इंस्पेक्टर के पद पर पदोन्नति मिली. फिर 21 जून 1985 को वे इंस्पेक्टर के पद पर प्रमोट हुए. इस दौरान पंजाब में आतंकी गतिविधियों का काफी जोर था और वह अक्सर आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई करने में आगे रहते थे.इसको लेकर इनको वीरता पुरस्कार भी मिल चुका है.

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