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नरसिंहपुर के बरमान में धूमधाम से कांवर यात्रा शुरू शिवरूप में सजीं भगवती त्रिपुर सुंदरी

  नरसिंहपुर,। जिले भर में श्रावण और पुरूषोत्तम मास के उपलक्ष्य में धार्मिक सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूमधाम बनी है । श्रावण के तीसरे सोमवार को गोटेगांव तहसील के झौंतेश्वर ग्राम स्थित परमहंसी गंगा आश्रम के त्रिपुर सुंदरी मंदिर में भगवती त्रिपुर सुंदरी माता का शिवरूप में मनोहारी श्रृंगार किया गया। एक हाथ में त्रिशुल और एक हाथ में डमरु लिए भगवती के इस स्वरूप का दर्शन करने श्रद्धालुओं की भीड़ है।

बरमान में नर्मदा के सीढ़ीघाट से विधि विधान से नर्मदा पूजन कर कांवर यात्रा शुरू की

बरमान में नर्मदा के सीढ़ीघाट से श्रद्धालुओं ने विधि विधान से नर्मदा पूजन कर कांवर यात्रा शुरू की । सागर से आए डमरु दल और बैंड-बाजों, डीजे के साथ हर हर महादेव के जयकारे लगाते हुए श्रद्धालुओं ने दीपेश्वर मंदिर में नर्मदा के जल से शिवजी की अभिषेक करने कांवर यात्रा शुरू की । जिले के प्रमुख तीर्थक्षेत्र बरमान में सोमवार को नर्मदा के सीढ़ीघाट से दीपेश्वर मंदिर तक शुरु हुई कांवर यात्रा में ढाई सौ से ज्यादा कांवरिए शामिल हैं । वहीं बरमान सहित आसपास के लोग भी इस यात्रा में शामिल होने पहुंचे हैं।

यात्रा में सागर के 25 सदस्यीय डमरू दल के साथ ही ढोल-तांसे, डीजे, बैंड-बाजे की धुन

 

यात्रा में सागर के 25 सदस्यीय डमरू दल के साथ ही ढोल-तांसे, डीजे, बैंड-बाजे की धुन पर श्रद्धालु शिव भक्ति में लीन होकर नाच रहे हैं, शिवजी की झांकी रथ में सवार है । यह कांवर यात्री करीब साढ़े सात किमी दूरी तय करते हुए दीपेश्वर मंदिर पहुंचेगी । भगवान दीपेश्वर का अभिषेक कर मंदिर में एक बड़ा त्रिशूल भी अर्पित किया जाएगा।यात्रा बरमान के मुख्य मार्ग से एनएच 44 होकर सतधारा पुराने पुल से बरमान खुर्द होकर नर्मदा की दो धाराओं के बीच स्थित प्राचीन दीपेश्वर मंदिर पहुंच रही है ।

 

कांवर यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं का जगह-जगह सत्कार

कांवर यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं के लिए जगह-जगह चाय, फलाहार, प्रसाद, स्वल्पाहार की व्यवस्था कर स्वागत सत्कार किया जा रहा है। वहीं दीपेश्वर में अभिषेक पूजन के बाद भंडारा होगा । श्रावण मास की शुरूआत से ही नर्मदा जल से शिवजी का अभिषेक करने के लिए नर्मदा तट पर कई स्थानों से कांवरिए आ रहे हैं । खासकर सागर, दमाेह जिले से यहां कांवरियों की टोली पहुंच रही है। जो नर्मदा स्नान करने के बाद कांवर में जल लेकर अभिषेक करने पैदल बांदकपुर की यात्रा करती है । नर्मदा तट के सभी प्राचीन शिवालयों में भी हर सोमवार को लोगाें की भीड़ हो रही है । मास के तीसरे सोमवार को भी सुबह से पूजन अर्चन का दौर चल रहा है ।

 

 

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