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बिहार: 37 मौतें, 25 अस्पताल में… कब थमेगा जहरीली शराब से मरने का सिलसिला?

बिहार के छपरा, सीवान और गोपालगंज के गांवों में जहरीली शराब पीने से मरने वाले लोगों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है. शनिवार को इस संख्या में दो नाम और जुड़ गए. यानी जहरीली शराब पीने से मरने वाले लोगों की संख्या बढ़कर 37 हो चुकी है. एक अधिकारी ने इस बात की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि मरने वाले दोनों लोग गोपालगंज जिले के बैकुंठपुर के रहने वाले थे. ये इलाका भी सिवान और छपरा की सीमा से लगा हुआ है.

पुलिस उप महानिरीक्षक (DIG) नीलेश कुमार ने न्यूज एजेंसी पीटीआई से बातचीत में बताया कि बिहार के सीवान और सारण जिले में जहरीली शराब से मरने वाले लोगों की संख्या में कोई वृद्धि नहीं हुई है. यानी अभी तक इन दो जिलों में 35 लोगों की ही मौत हुई है. हालांकि, गोपालगंज में हुई दो मौतों के बाद अब सारण रेंज के तहत आने वाले तीनों जिलों में शराब के सेवन से मरने वाले लोगों की संख्या 37 तक पहुंच गई है. डीआईजी ने बताया कि शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है.

कहां-कहां हुई मौतें?

सिवान जिले के मगहर और औरिया पंचायतों में जहरीली शराब पीने से मरने वाले लोगों की संख्या 28 है. वहीं, सारण जिले के मशरख थाना क्षेत्र के तहत आने वाले इब्राहिमपुर में शराब पीने से 7 लोगों की मौत हुई है. अधिकारियों के मुताबिक, अभी भी इन जिलों के 25 लोगों का इलाज चल रहा है जिन्हें सीवान, सारण और पटना जिलों के विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है.

इस पूरे मामले को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी जारी है. विपक्षी पार्टियों के नेता नीतीश कुमार सरकार द्वारा शराब की बिक्री और सेवन पर बैन को विफल बताते हुए जवाब मांग रहे हैं. वहीं, मरने वाले लोगों के गांव के लोगों ने कहा कि अवैध रूप से बेचे जाने वाले शराब के सेवन से इन लोगों की जान गई है. इस मामले में 15 लोगों की गिरफ्तारी हुई है.

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