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शर्मनाक! 8 घंटे चिता पर रखा रहा मां का शव, प्रॉपर्टी के लिए लड़ती रहीं बेटियां

मथुरा में बेटियों ने मां के अंतिम संस्कार से पहले ऐसी हरकत कर डाली जो बेहद ही शर्मशार करने वाली है. बेटियों ने संपत्ति बंटवारे को लेकर मां का अंतिम संस्कार रुकवा दिया. तीनों बेटियां इसके लिए श्मशान घाट पर ही झगड़ने लगीं. जिस वक्त तीनों बहनों में झगड़ा हो रहा था उस वक्त मां का शव चिता पर रखा हुआ था.

8 घंटे तक विवाद चलता रहा. इस दौरान पुलिस भी श्मशान घाट पहुंच गई. उन्होंने भी तीनों को समझाने की कोशिश की थी. पुलिस और रिश्तेदारों के काफी समझाने पर तीनों के बीच सहमती बनी और मां की चिता को मुखाग्नि दी गई. इस बीच अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी कराने आए पंडित जी को 8 बार आना-जाना पड़ा.

डेढ़ बीघा जमीन को लेकर झगड़ने लगीं बहनें

यह शर्मनाक घटना मथुरा के छीटा गांव की है, जहां 92 साल की बुजुर्ग महिला पुष्पा की 3 बेटियां हैं. इनके कोई बेटा न था. पुष्पा के पास करीब 3 बीघा जमीन थी. इसमें से डेढ़ बीघा जमीन को बेच दिया गया था. वहीं, बाकी डेढ़ बीघा जमीन को लेकर तीनों बहनों में विवाद चल रहा था. रविवार को पुष्पा की बीमारी के चलते मौत हो गई. अंतिम संस्कार के लिए पुष्पा के शव को बिरला मंदिर के समीप श्मशान घाट ले जाया गया.

जमीनी बंटवारे को लेकर श्मशान घाट पहुंच गई बेटियां

अंतिम संस्कार में मृतक की 3 बेटियों में से 2 बेटियां सुनीता और शशि शमशान घाट पहुंच गई. 1 बेटी पहले से ही वहां मौजूद थी. श्मशान पहुंचकर उन्होंने पहले तो हंगामा किया फिर अंतिम संस्कार को भी रुकवा दिया. वह जमीन के बंटवारे को लेकर झगड़ने लगीं. लोगों ने उन्हें समझाने की बहुत कोशिश की लेकिन वह नहीं मानी. बाद में पुलिस को बुलाना पड़ा. पुलिस की मौजूदगी में रिश्तेदारों ने तीनों बेटियों के बीच सुलह समझौता कराया तब जाकर करीब 8 घंटे बाद बुजुर्ग महिला की चिता को मुखाग्नि दी गई. बेटियों ने जब चिता पर रखे मां के शव का अंतिम संस्कार रुकवाया तो वहां मौजूद लोग हैरान रह गए. विवाद इतना बड़ गया कि करीब 8 से 9 घंटे तक शव चिता पर रखा रहा.

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