Breaking News in Hindi

संबद्धता के इंतजार में अंचल के 400 से अधिक कॉलेज, जेयू अब तक नहीं कर सका संबद्धता के लेटर जारी

ग्वालियर। जीवाजी विश्वविद्यालय से सम्बद्ध बीएड और सामान्य कोर्स वाले 400 से भी अधिक कॉलेज अब तक अपनी संबद्धता नवीनीकरण के लेटर के इंतजार में हैं । साल बीतने के बाद अब अगले सत्र की संबद्धता की तैयारी शुरू हो गई है लेकिन पिछले सत्र की संबद्धता का लेटर अभी तक किसी कॉलेज को नहीं मिला है। चिंता की बात है कि पहले जेयू ने संबद्धता ने निरीक्षण की प्रक्रिया में देरी की तो अब लेटर देने में पूरा साल निकाल दिया है। अब स्थिति ये है कि सत्र 2024–25 की संबद्धता प्रक्रिया शुरू होने वाली है। हालांकि जीवाजी विश्वविद्यालय को महाविद्यालय की सम्बद्धता दिये जाने के बाद ही लेटर जारी कर देना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

दस्तावेज मांगे तो पत्र जारी होने में हुई देरी

इस मामले में जेयू प्रबंधन के अधिकारियों का कहना है कि महाविद्यालय को सम्बद्धता पत्र जारी होने में देरी का कारण कार्यपरिषद सदस्यों द्वारा कॉलेज संचालकों से उनके कॉलेज के शिक्षकों और प्राचार्य के दस्तावेज की मांग करना रहा । कॉलेज से दस्तावेज मांगे गए जो अभी तक जमा हो नहीं पाए है इसके चलते संबद्धता के लेटर जारी नही हो सके हैं ।

रिकॉर्ड भी डिजिटल होगा

जीवाजी विश्वविद्यालय में सम्बद्धता विभाग के रिकार्ड का डिजिटलाइजेशन होने को है। अब काम में पारदर्शिता रखने के लिए इस बदलाव को किया जा रहा है । प्रो.सिसोदिया का कहना है कि महाविद्यालय संचालक विश्वविद्यालय में निरीक्षण से पहले जो प्रोफार्मा हार्ड कॉपी के रूप में जमा करते हैं, वह ऑनलाइन हो जिससे हार्ड कॉपी की समस्या से छुटकारा मिल जाए । इसके अलावा जेयू से सम्बद्ध महाविद्यालयों की सूची भी एक्सल सीट पर तैयार करने की तैयारी है।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.

ब्रेकिंग
UP में दोपह‍िया वाहनों के ल‍िए न‍ियमों में बड़ा बदलाव, 3 महीने के लिए लाइसेंस भी हो सकता है सस्‍पेंड... लालू ने कह दी दिल की बात, अब क्या करेंगे तेजस्वी, तेज प्रताप की घर वापसी फाइनल? UP राजधानी लखनऊ के शहीद पथ पर ट्रैफिक रोके बिना ग्रीन कॉरिडोर बनेगा, किसान पथ तक होना है निर्माण। बांदा परिवहन विभाग में फिटनेस का खेल! पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत के फैसले अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर डब्ल्यूओएस ने किया शक्ति उत्सव आयोज। विधान परिषद के बजट सत्र 2025-26 के अंतर्गत बजट लाईव। भारतीय नौसेना का जहाज कुठार श्रीलंका के कोलंबो पहुंचा। कृषि भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और किसान प्राण, केंद्रीय कृषि मंत्री। इलेक्ट्रॉनिक्स इंडस्ट्री से संरक्षणवाद को छोड़कर उपभोक्ता हितों को प्राथमिकता देने का आग्रह किया,पीय...