Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
भारत के राष्ट्रपति ने शिक्षकों को राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किए। Happy Teachers Day 2026: शिक्षक दिवस क्यों मनाया जाता है? जानें इतिहास और महत्व शुभ जन्माष्टमी: भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव पर देशभर में भक्ति और उल्लास Lucknow: महापौर सुषमा खर्कवाल ने सैन्य अधिकारियों संग मनाया रक्षाबंधन Shubhash Chandra Case: 6.5 करोड़ में रफा-दफा हो गया सुभाष चंद्रा का 22 हजार करोड़ का कर्ज, बैंक झेले... भलस्वा डेयरी में बाइक जब्ती के बाद पुलिसकर्मियों पर हमला, मिर्च पाउडर डालकर पीटने का आरोप चीनी के दाम बढ़ने की मुख्य वजह क्या है ? लोअर बर्थ के नीचे सामान पर किसका हक? योगी आदित्यनाथ सरकार ने 52 प्रमुख नेताओं को दी बुलेटप्रूफ जैकेट, कीमत 10 लाख रुपए.... सीएम योगी के साथ जापानी Gen-Z's....

18 लाख रुपये की गड़बड़ी के आरोप में लेखापाल निलंबित

बिलासपुर। विकासखंड शिक्षा कार्यालय कोटा में 18 लाख रुपये की गड़बड़ी करने के आरोप में लेखापाल को जिला शिक्षा अधिकारी डीके कौशिक ने निलंबित कर दिया है। विभागीय जांच में वित्तीय गड़बड़ी करने की बात सामने आई है। मंगलवार को डीईओ ने निलंबन का आदेश जारी किया।

शिक्षा विभाग में लगातार कार्रवाई होने से अधिकारी व कर्मचारियों में हड़कंप मचा हुआ है। बीईओ कार्यालय में राजेश कुमार प्रताप लेखापाल के पद पर पदस्थ था। 24 जुलाई 2023 को जिला शिक्षा कार्यालय में उसके खिलाफ वित्तीय गड़बड़ी करने की शिकायत हुई। इस मामले की जांच की गई। जांच में शिकायत सही पाई गई थी। इसके बाद डीईओ कार्रवाई नहीं कर रहे थे।

20 जून को कोटा बीईओ ने लेखापाल राजेश कुमार प्रताप के द्वारा आर्थिक अनियमितता करने की जानकारी देते हुए उनसे उचित मार्गदर्शन मांगा था। लेकिन, बीईओ के पत्र का कोई जवाब नहीं दिया गया। एक साल बाद डीईओ कौशिक ने लेखापाल के खिलाफ कार्रवाई की।

लेखापाल राजेश कुमार प्रताप द्वारा दो-दो बार एक ही मद से राशि का भुगतान किया था। परिवार कल्याण निधि से 70 हजार रुपये और 66 हजार रुपये, 904 सामूहिक बीमा योजना से एक लाख 91 हजार रुपये 224, अवकाश नगदीकरण से छह लाख 75 हजार 392 और छह लाख 75 हजार 392, सामूहिक बीमा योजना से एक लाख 77 हजार 179 रुपये का नियम विरुद्ध भुगतान करते हुए राजकीय कोष को आर्थिक क्षति पहुंचाई है। 16 जून को लोक शिक्षण संचालनालय से जब आडिट के दौरान 18 लाख 56 हजार 91 रुपये की आर्थिक अनियमितता मिली थी।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.