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इस राज्य में महर्षि वाल्मिकी के नाम पर होंगे सभी आवासीय स्कूल, यूनिवर्सिटी का नाम भी बदला

कर्नाटक सरकार ने राज्य के सभी आवासीय स्कूलों के नाम बदल दिए हैं. अब ये सभी स्कूल महर्षि वाल्मिकी के नाम से जाने जाएंगे. महर्षि वाल्मिकी की जयंती पर कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने खुद इस संबंध में घोषणा की. इसी के साथ उन्होंने रायचूर यूनिवर्सिटी का नाम भी बदलकर महर्षि वाल्मिकी विश्वविद्यालय करने का ऐलान किया. उन्होंने कहा कि राज्य भर के आवासीय स्कूलों के लिए यह व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू की जा रही है. मुख्यमंत्री सिद्धारमैया गुरुवार को वाल्मिकी जयंती की प्रतिमा पर मार्ल्यापण कर उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे थे.

इस मौके पर सीएम सिद्धारमैया ने महर्षि वाल्मिकी के योगदान की चर्चा की. उनके द्वारा लिखित रामायण की चर्चा की. उनके गुरुकुल की बात की और इसी दौरान कहा कि यह सही समय है कि हम महर्षि वाल्मिकी के आदर्शों को अपने जीवन में उतारे. इतना ही नहीं, उनके संदेशों को जन जन तक पहुंचा कर उसे सार्थक करने की कोशिश करें. सिद्धारमैया के मुताबिक महर्षि वाल्मिकी के आदर्शों को अपनाकर ही देश ना केवल ताकतवर राष्ट्र बनेगा, बल्कि इतिहास, विज्ञान और दर्शन के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन कर एक बार फिर से विश्वगुरु का दर्जा हासिल कर पाएगा.

हर जिले में हैं आवासीय विद्यालय

कर्नाटक राज्य के हर जिले में आवासीय विद्यालय संचालित हो रहे हैं. इन विद्यालयों में कमजोर आयवर्ग के आलावा गरीबों दलितों के बच्चों को मेरिट के आधार पर चयनित कर रखा जाता है. इन छात्रों को आधुनिक शिक्षण पद्धति से पढ़ाई कराकर राष्ट्र की मुख्य धारा से जोड़ने की कोशिश होती है. इन आवासीय विद्यालयों में रहने खाने के लिए छात्रों से कोई शुल्क वसूल नहीं किया जाता. अभी तक इन सभी स्कूलों को सरकारी आवासीय विद्यालय के नाम से जाना जाता था, लेकिन मुख्यमंत्री की इस घोषणा के बाद यह सभी स्कूल महर्षि वाल्मिकी अवासीय विद्यालय के नाम से जाने जांएगे.

देश भर में मनाई जा रही जयंती

त्रेता युग में भगवान राम के समकालीन संत महर्षि वाल्मिकी की जयंती आज देश भर में बड़े धूमधाम से मनाई जा रही है. विभिन्न स्थानों पर लग महर्षि वाल्मिकी की मूर्तियों की साफ सफाई कर उन्हें माल्यार्पण किया गया और भोग अर्पित किए गए. इसी क्रम में कर्नाटक में भी वाल्मिकी जयंती पर धूम मची है. खुद मुख्यमंत्री सिद्धारमैया भी एक कार्यक्रम में शामिल हुए और महर्षि वाल्मिकी की प्रतिमा पर मार्ल्यापण करते हुए स्कूलों के नाम बदलने का ऐलान किया.

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