Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत के फैसले अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर डब्ल्यूओएस ने किया शक्ति उत्सव आयोज। विधान परिषद के बजट सत्र 2025-26 के अंतर्गत बजट लाईव। भारतीय नौसेना का जहाज कुठार श्रीलंका के कोलंबो पहुंचा। कृषि भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और किसान प्राण, केंद्रीय कृषि मंत्री। इलेक्ट्रॉनिक्स इंडस्ट्री से संरक्षणवाद को छोड़कर उपभोक्ता हितों को प्राथमिकता देने का आग्रह किया,पीय... PM Modi ने बागेश्वर धाम की पर्ची निकाल दीं, धीरेंद्र शास्त्री बोले। विधान सभा बजट सत्र 2025-26 का चौथा दिन। मात्र 250 रुपए जमा करने पर आपको मिलेगा 78 लाख रुपए तक! CM योगी ने विधानसभा में शिवपाल यादव पर कसा तंज।

Swami Prasad Maurya ने हिंदू धर्म को फिर बताया धोखा, संघ प्रमुख के साथ ही पीएम मोदी को भी घेरा, देखिए वीडियो

नई दिल्ली। समाजवादी पार्टी (SP) के नेता स्वामी प्रसाद मौर्य (Swami Prasad Maurya) ने एक बार फिर हिंदू धर्म (Hinduism) के खिलाफ बयान दिया है। दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में स्वामी प्रसाद मौर्य ने हिंदू धर्म को धोखा करार दिया। साथ ही नरेंद्र मोदी को भी निशाने पर लेने की कोशिश की। पढ़िए पूरा बयान और देखिए वीडियो

समाचार एजेंसी ANI के अनुसार स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा, हिंदू एक धोखा है। वैसे भी 1995 में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि हिंदू कोई धर्म नहीं है, यह जीवन जीने की एक शैली है। RSS प्रमुख मोहन भागवत ने भी दो बार कहा है कि हिंदू नाम का कोई धर्म नहीं है, बल्कि यह जीवन जीने की एक कला है। प्रधानमंत्री मोदी ने भी कहा है कि हिंदू धर्म कोई धर्म नहीं है… जब ये लोग ऐसे बयान देते हैं तो भावनाएं आहत नहीं होती हैं, लेकिन अगर यही बात स्वामी प्रसाद मौर्य कहते हैं तो पूरे देश में भूचाल मच जाता है।

बता दें, यह पहली बार नहीं है जब स्वामी प्रसाद मौर्य ने हिंदुत्व पर विवादित बयान दिया हो। यही नहीं उन्होंने ब्राह्मणों और ऊंची जाति वालों पर भी निशाना साधा है।

स्वामी प्रसाद मौर्य पहले बसपा में थे। फिर सपा में आए। फिर भाजपा के साथ मिलकर सरकार का हिस्सा रहे, लेकिन अभी एक बार फिर समाजवादी पार्टी के साथ हैं। उनके विवादित बयानों का सपा में ही विरोध शुरू हो चुका है। बीते दिनों सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने पार्टी का ब्राह्मण सम्मेलन बुलाया था। उस समय भी मौर्य का विरोध हुआ था। बताया जाता है कि इस तरह के बयानों से अखिलेश भी खुश नहीं है। हालांकि अब तक उन्होंने अपने नेता को रोकने का कोई प्रयास नहीं किया है।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.