नए संसद भवन की लोकसभा में केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने महिला आरक्षण बिल लोकसभा में पेश कर दिया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने संबोधन में इसे नारी शक्ति वंदन के नाम से संबोधित किया था। यह महिला आरक्षण विधेयक गत 27 सालों से संसद में लंबित है। आपको पता होगा कि बीते कई वर्षों में इस विधेयक को राजनीतिक दलों द्वारा मजूरी दिए जाने की मांग उठती रही है। हाल ही में अब इस बार जब केंद्र सरकार ने संसद के विशेष सत्र से पहले सर्वदलीय बैठक बुलाई गई तो इस दौरान अनेक दलों ने इसे को मंजूरी दिए जाने की मांग की थी। लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह बिल 27 वर्षों से क्यों अटका हुआ था और यह लोकसभा में पेश नहीं हो पाया। आइये समझते हैं इसकी वजह।
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