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अधिकारी-बाबू ले रहे थे 10% ‘कट’, इतने नोट मिले कि गिनने मंगवानी पड़ी मशीन

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में दो सीएचसी कर्मचारियों को रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा गया. यहां मेरठ से आई विजिलेंस टीम ने पुवारका ब्लॉक में स्थित सीएचसी के प्रभारी देशराज सिंह और इसी क्षेत्र के अकाउंटेंट संदीप शर्मा को 92,000 से ज्यादा की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया. इसके अलावा सीएचसी प्रभारी देशराज सिंह के कमरे से करीब 21 लाख रुपए की नकदी बरामद हुई जिसको गिनने के लिए विजिलेंस की टीम को नोट गिनने की मशीन तक मंगवानी पड़ी.

आरोपी हेल्थ कम्युनिटी के लिए काम करने वाले लोगों से इंसेंटिव दिलवाने के नाम पर 10% की रिश्वत मांगते थे. विजिलेंस टीम के प्रभारी एसपी इंदु सिद्धार्थ के नेतृत्व में विजिलेंस मेरठ की टीम ने यह कार्यवाही सहारनपुर में की. दरअसल आयुष्मान आरोग्य मंदिर विभाग में संविदा पर काम करने वाले कम्युनिटी हेल्थ अफसरों से सीएचसी प्रभारी देशराज सिंह और ब्लॉक अकाउंटेंट संदीप शर्मा इंसेंटिव दिलवाने के नाम पर 10 परसेंट का कमीशन मांग रहे थे.

कर्मचारियों ने की थी शिकायत

इस बात की शिकायत करीब 20 से ज्यादा कर्मचारियों ने मेरठ विजिलेंस टीम को की थी. मेरठ विजिलेंस की टीम ने शनिवार को पूरा जाल बिछाकर दोनों को 92,450 रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया. इसके अलावा टीम ने सीएचसी प्रभारी देशराज सिंह के आवास पर जब तलाशी ली तो वहां पर भी भारी मात्रा में नगदी पाई गई.

विजिलेंस की टीम ने जब्त की सारी नकदी

मिली नकदी को गिनने के लिए विजिलेंस की टीम ने नोट गिनने वाली मशीन मंगवाई. तब जाकर पता लगा की कुल रकम 21 लाख रुपए से ज्यादा है. फिलहाल विजिलेंस की टीम ने रिश्वत के 92,450 के साथ-साथ 21 लाख रुपए की नगदी को भी जब्त कर लिया है. आरोपियों के ऊपर मामला दर्ज कर लिया गया है साथ ही साथ इस बात की भी तफ्तीश की जा रही है कि आखिर सीएससी प्रभारी देशराज सिंह के पास इतना पैसा आया कहां से.

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