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इंडिया जिंदाबाद…पाकिस्तानी मछुआरे आखिर क्यों कर रहे इंडियन नेवी को सलाम

सोमालियाई समुद्री लुटेरों के खिलाफ एक बार फिर भारतीय नौसेना ने अपना झंडा बुलंद किया है. इंडियन नेवी ने समुद्री लुटेरों के चंगुल से एक बार फिर पाकिस्तानी मछुआरों की जान बचाई है. शुक्रवार को अरब सागर में भारतीय नौसेना ने ईरान की मछली पकड़ने वाली जहाज अल कंबर और उसके 23 पाकिस्तानी चालक दल को समुद्री लुटेरों के चंगुल से बचाया है. हथियारबंद लुटेरों ने ईरानी जहाज पर कब्जा कर लिया था.

लुटेरों के खिलाफ चले नेवी के ऑपरेशन के भाद जहाज पर सवार पाकिस्तानी नागरिकों ने भारतीय नौसेना का आभार जताया है. पाकिस्तानियों ने भारत जिंदाबाद के नारे भी लगाए. इससे पहले भी भारतीय नौसेना ने समुद्री लुटेरों के चंगुल से पाकिस्तानी और ईरानी नागरिकों की रक्षा की थी. भारतीय नौसेना ने पहले तो 9 सशस्त्र समुद्री डाकुओं को आत्मसमर्पण करने के लिए मजबूर कर दिया था. इसके बाद भारतीय नौसेना की विशेषज्ञ टीमों ने एफवी अल-कंबर की जांच की. वहीं, मछली पकड़ने की गतिविधियों को जारी रखने के लिए नाव की जांच के बाद नौसेना ने 23 पाकिस्तानी नागरिकों की पूरी तरह से चिकित्सा जांच की. वहीं, भारतीय नौसेना समुद्री डकैती रोधी अधिनियम 2022 के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए सभी नौ समुद्री लुटेरों को भारत ला रही है.

पाकिस्तानियों को कैसे बनया बंधक

ईरान की अल कंबर नाम का जहाज अरब सागर में गया था. चालक दलों में 23 पाकिस्तानी नागरिक भी सवार थे. इस बीच समुद्री लुटेरों ने शिप पर हमला कर दिया और उस पर कब्जा कर लिया. जब भारतीय नौसेना को इस घटना की जानकारी मिली तो नौ सेना जहाज को छुड़ाने की कोशिश में जुट गई. भारतीय नौसेना ने आईएनएस सुमेधा के जरिये लुटेरों पर धावा बोल दिया.

12 घंटे तक चला ऑपरेशन

भारतीय नौसेना ने ऑपरेशन के दौरान त्रिशूल मिसाइल का इस्तेमाल किया. भारतीय नौसेना ने करीब 12 घंटे तक लुटेरों से संघर्ष करने के बाद उन पर काबू पा लिया. सभी 9 सोमालियाई लुटेरों ने इंडियन नेवी के सामने घुटने टेक दिए. इसके बाद लुटेरों की गिरफ्त से सभी 23 पाकिस्तानी नागरिकों को इंडियन नेवी ने मुक्त कराया और उनके स्वास्थ्य जांच की.

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