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कॉलेज के हॉस्टल में इंजीनियरिंग की छात्रा ने बच्चे को दिया जन्म, डिलीवरी के बाद मां ने तोड़ा दम

आंध्र प्रदेश में नंदयाला जिले के पन्याम मंडल स्थित एक इंजीनियरिंग कॉलेज में पढ़ने वाली छात्रा ने हॉस्टल में एक बच्चे को जन्म दिया है. इस दौरान काफी ज्यादा ब्लीडिंग होने की वजह से छात्रा की मौत हो गई है. यह छात्रा तीन महीने पहले ही इस हॉस्टल में रहने के लिए आई थी. शुक्रवार की शाम को उसने खुद ही फोन कर पेट में दर्द होने की जानकारी अपने परिजनों की दी थी. परिजनों के आने के बाद वह टॉयलेट गई, जहां उसकी डिलीवरी हो गई.

इस दौरान उसे काफी ब्लीडिंग हुई तो आनन फानन में अस्पताल ले जाया गया, जहां शनिवार को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई है. पन्याम थाना प्रभारी शिवकुमार रेड्डी ने बताया कि पुलिस मामले की छानबीन कर रही है. उन्होंने बताया कि अब तक की जांच में पता चला है कि छात्रा इस कॉलेज में सिविल इंजीनियरिंग की पढाई कर रही थी. इस समय वह सेकंड ईयर में थी. वह तीन महीने पहले ही हॉस्टल में शिफ्ट हुई थी. उधर, कॉलेज प्रबंधन ने बताया कि छात्रा के गर्भवती होने की कोई जानकारी नहीं थी.

टॉयलेट में हुई डिलीवरी

यहां तक कि छात्रा के साथ रहने वाली लड़कियों को भी इसकी कोई जानकारी नहीं थी. बल्कि उसकी डिलीवरी की खबर सुनकर छात्राएं हैरत में थी. सीआई के मुताबिक छात्रा ने शुक्रवार की देर शाम अपने माता-पिता को फोन कर बताया था कि उसके पेट में बहुत तेज दर्द हो रहा है. इस सूचना उसके माता पिता हॉस्टल पहुंच गए थे. रात में करीब नौ बजे छात्रा का दर्द काफी बढ़ गया और टॉयलेट गई, लेकिन जब काफी वक्त तक वह बाहर नहीं निकली तो परिजनों को चिंता हुई.

ज्यादा ब्लीडिंग की वजह से हुई मौत

इसके टॉयलेट का दरवाजा तोड़ा गया. अंदर छात्रा बेहोश पड़ी थी, जबकि खून से लथपथ शिशु भी उसके पास पड़ा था. आनन फानन में दोनों को अस्पताल ले जाया गया. जहां से उसे कुरनूल के सरकारी अस्पताल के लिए रैफर कर दिया गया. डॉक्टरों के मुताबिक यहां तक लाने में काफी देर हो चुकी थी और छात्रा के शरीर से काफी खून बह चुका था. ऐसे में लाख प्रयास के बाद भी उसे बचाया नहीं जा सका है. हालांकि शिशु पूरी तरह से स्वस्थ है. फिलहाल पुलिस ने इस संबंध में परिजनों की शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है.

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