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वो डायरेक्टर जो साउथ से उठा, फिर दे डालीं बॉलीवुड में कुल 29 फ्लॉप फिल्में, आजकल कहां है?

बॉलीवुड इंडस्ट्री देश की सबसे बड़ी इंडस्ट्री है इसमें कोई दोराय नहीं है. हिंदी की फिल्में बड़े पैमाने पर रिलीज होती हैं और इसकी रीच ज्यादा ऑडियंस तक है. ऐसे में शुरू से ही ऐसा देखा गया है कि कई सारे सक्सेसफुल साउथ स्टार्स ने बॉलीवुड में कदम रखा. चाहें सिंगिंग में के जे येसुदास और एस पी बालासुब्रमण्यम हों, या फिर म्यूजिक में ए आर रहमान हों, या फिर एक्टिंग में श्रीदेवी, कमल हासन, रजनीकांत और नागार्जुन जैसे कलाकार. इन सभी कलाकारों को हिंदी ऑडियंस का ढेर सारा प्यार भी मिला. लेकिन एक साउथ का ऐसा डायरेक्टर भी रहा जिसने बॉलीवुड में फिल्में बनाई. साउथ में तो ये डायरेक्टर काफी सक्सेसफुल था लेकिन बॉलीवुड में इसका हाल कैसा रहा, आइये जानते हैं.

नाइजीरिया जाकर पैसे कमाए

राम गोपाल वर्मा ने 90s के दौर में कुछ ऐसी फिल्में बनाई जिसने इंडस्ट्री को बड़े स्टार्स तो दिए ही साथ ही वो हिंदी फिल्में भी भारतीय सिनेमा की धरोहर बन गईं. डायरेक्टर ने करियर की शुरुआत एक फिल्म निर्देशक के तौर पर नहीं की. वे तो पैसे कमाने नाइजीरिया चले गए. यहां उन्हें एक आइडिया सूझा और उन्होंने हैदराबाद में एक रेंटल लाइब्रेरी बना दी. इससे उनके लिए आसानी ये हुई कि फिल्मी दुनिया के लोगों से उनके कॉन्टेक्ट्स बढ़ने लगे. उनके पिता अन्नपूर्णा स्टूडियोज के साउंड एडिटर थे.

फिल्मों में दस्तक

इसके बाद राम गोपाल वर्मा का इंट्रेस्ट धीरे-धीरे फिल्मों की ओर बढ़ा. 2 फिल्मों में एसिस्टेंट डायरेक्टर के तौर पर काम करने के बाद रामू ने नागार्जुन के साथ अपनी पहली फिल्म बनाई. फिल्म का नाम शिवा था. उनकी पहली ही फिल्म ने कमाल कर दिया. ना सिर्फ ये फिल्म सुपरहिट रही बल्कि ये तेलुगू इंडस्ट्री की हाइएस्ट ग्रॉसिंग फिल्म भी रही. इसके बाद से तो रामू की गाड़ी चल पड़ी. ये फिल्म हिंदी में भी बनी और हिंदी में भी इसे अच्छा रिस्पॉन्स मिला.

आमिर की रंगीला से मारी बॉलीवुड में एंट्री

वैसे उनकी साउथ फिल्में हिंदी में भी बन रही थीं लेकिन एक वक्त ऐसा भी आया जब उन्होंने पूरे डंके की चोट के साथ अपना बॉलीवुड डेब्यू कर लिया. फिल्म का नाम था रंगीला. इसमें आमिर खान, जैकी श्रॉफ और उर्मिला मातोंडकर लीड रोल में थे. फिल्म का जलवा ऐसा था कि इसने 7 फिल्मफेयर अवॉर्ड अपने नाम किए और बाद में इसका रीमेक हॉलीवुड में भी बना. इसके बाद उन्होंने दौड़, सत्या, कौन और मस्त जैसी फिल्में बनाई. 2005 में आई उनकी फिल्म सरकार भी काफी चर्चा में रही थी.

फिर ट्रैक से उतर गई गाड़ी

इसके बाद उनकी कोई भी फिल्म ज्यादा बड़े पैमाने पर कोई कमाल नहीं दिखा सकी. उन्होंने अपने बॉलीवुड करियर में कुल 34 फिल्में की जिसमें से 29 फिल्में तो फ्लॉप रहीं. सत्या फिल्म के बाद आज भी उन्हें एक अदद हिट की तलाश है. बीच में उनकी फिल्में या तो सेमी हिट रहीं या तो एवरेज. लेकिन कोई भी फिल्म हिट का तमगा नहीं पा सकी. उनकी बाद की फिल्मों की बात करें तो इसमें डरना जरूरी है, निशब्द, राम गोपाल वर्मा की आग, डार्लिंग, फूंक, रक्त चरित्र, डिपार्टमेंट, भूत रिटर्न्स और डी कंपनी जैसी फिल्में शामिल हैं. डायरेक्टर की बात करें तो वे आज भी फिल्में बनाते हैं. साल 2024 में वे व्यूहम को लेकर चर्चा में है.

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