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टिकट मिलने के बावजूद खुश नहीं हैं भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय, जानिए क्या है वजह

इंदौर/भोपाल। मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव को कुछ ही दिन रह गए हैं। ऐसे में सभी पार्टियों ने चुनाव को लेकर तैयारियां तेज कर दी है। वहीं, भाजपा ने अपने उम्मीदवारों की दूसरी सूची भी जारी कर दी है।बीजेपी ने इस बार भी 39 उम्मीदवारों की दूसरी सूची जारी की है। इस प्रकार भाजपा ने एमपी में अब तक 78 उम्मीदवारों के नामों का ऐलान कर दिया है। बीजेपी ने अपनी दूसरी सूची में सबको चौका दिया है। इसमें 7 सांसदों को भी उम्मीदवार बनाया गया है। केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, प्रहलाद पटेल, कैलाश विजयवर्गीय को उम्मीदवार बनाया गया है।

बता दें कि तीन केंद्रीय मंत्री चार सांसदों को भाजपा ने टिकट दिया है, कैलाश विजयवर्गीय को फिर विधानसभा चुनाव में उतारकर बीजेपी ने चौका दिया है। इसी बीच आगामी मध्य प्रदेश चुनाव के लिए इंदौर-1 विधानसभा क्षेत्र से भाजपा उम्मीदवार बनाए जाने पर कैलाश विजयवर्गीय का अजीबोगरीब बयान सामने आया है। कैलाश विजयवर्गीय कह रहे हैं, कि ‘मुझे टिकट जरूर मिल गया, लेकिन मैं खुश नहीं हूं। चुनाव लड़ने की इच्छा नहीं है। अब अपन बड़े नेता हो गए हैं, भाषण दो और निकलो, कहां घर-घर हाथ जोड़ेंगे।

राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि “मुझे चुनाव लड़ने की 1% भी इच्छा नहीं थी। मैंने केवल सार्वजनिक बैठकों में भाग लेने की योजना बनाई थी। मैनें तो रोज आठ सभा करने की योजना बनाई थी, लेकिन शायद भगवान की यही इच्छा थी की मैं चुनाव लड़ूं। एक बार फिर से जनता के बीच में जाएं। मुझे अभी भी विश्वास नहीं हो रहा है की मुझे टिकट मिल गई है।

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