जबलपुर। शिक्षकों के तबादला आदेश जारी हो रहे हैं लेकिन कई शिक्षकों को कार्यमुक्त नहीं किया जा रहा है। शिक्षक इस समस्या को लेकर जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उनकी समस्या का निराकरण नहीं हो रहा है। परेशान शिक्षकों को चिंता सता रही है कि कहीं कार्यमुक्ति नहीं मिलने से उनके तबादला आदेश की अवधि न खत्म हो जाए। बता दें कि कई शिक्षक और प्राचार्यों के तबादले हुए हैं। जिन्हें वर्तमान स्कूल से कार्यमुक्त आदेश लेकर नई पदस्थापना पर कार्यभार ग्रहण करना है, लेकिन कार्यमुक्ति का आदेश नहीं मिलने से शिक्षक और प्राचार्य ऐसा नहीं कर पा रहे हैं।
जानबूझकर आदेश पालन नहीं होने का लगाया आरोप
कुछ प्राचार्यों के तबादला आदेश उनकी स्वेच्छा के विपरीत हुआ है जिस वजह से वे कार्यमुक्त नहीं हो रहे हैं बल्कि तबादला को निरस्त करवाने के लिए प्रयासरत है। बता दें कि इस संबंध में मप्र तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ के संरक्षक योगेंद्र दुबे ने आरोप लगाया कि जानबूझकर जिला जिला शिक्षा विभाग द्वारा लोक शिक्षण संचालयनालय के आदेश का पालन नहीं किया जा रहा है।
इस प्रकार कई शिक्षकों को नहीं किया रिलीव
- कमला नेहरू स्कूल प्राचार्य शैलबाला डोंगरे को पनागर का विकास खण्ड शिक्षा अधिकारी बनाया गया है इसके आदेश शासन द्वारा 10 दिवस पूर्व जारी हुआ था, परन्तु आज तक डोंगरे को जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय द्वारा रिलीव नहीं किया गया है।
- इसी तरह सुकरी कन्या स्कूल प्राचार्य दर्शना झारिया को विकास खण्ड शिक्षा अधिकारी कटनी बनाया गया है इसके आदेश भी 12 दिवस पूर्व जारी हो चुके हैं परन्तु जिला शिक्षा अधिकारी जबलपुर द्वारा रिलीव नहीं किया गया है।
- व्हीकल स्कूल प्राचार्य रूकमणी कनौजिया को सीएम राईज बरेला का प्राचार्य बनाया गया गया हैं, इन्हें भी कार्यमुक्त नहीं किया गया है।
- सीएम राइज बरेला प्राचार्य डीके गुप्ता को मढा परसवार्ड का प्राचार्य बनाया गया है किन्तु आदेश जारी हुए 10 दिन से अधिक का समय व्यतीत हो जाने के बाद भी श्री गुप्ता को कार्यमुक्त नहीं हुए है।
- इसी तरह विकास खण्ड शिक्षा अधिकारी जबलपुर के पद पर सरिता तंतुवाय द्वारा एक अगस्त को अपना पदभार ग्रहण कर लिया गया है किन्तु वहां पूर्व से पदस्थ सुधीर उपाध्याय को जिला अधिकारी कार्यालय द्वारा द्वारा कार्यमुक्त नहीं किया गया है।
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