Breaking News in Hindi

मुख्यमंत्री के रूप में शिवराज सिंह चौहान की लंबी पारी नरेश चंद्र सिंह रहे 12 दिनों के सीएम

भोपाल। मध्य प्रदेश कुछेक अपवाद को छोड़कर स्थिर सरकार के लिए जाना जाता है। बतौर मुख्यमंत्री सबसे लंबी पारी खेलने का रिकार्ड भाजपा के शिवराज सिंह चौहान के नाम है। चौहान ने 15वीं विधानसभा तक चार बार राज्य का नेतृत्व किया।

सबसे छोटी पारी नरेश चंद्र सिंह की

सबसे छोटी पारी का रिकार्ड नरेश चंद्र सिंह के नाम है जो संयुक्त विधायक दल द्वारा चुने गए नेता सदन यानी मुख्यमंत्री थे। नरेश चंद्र ने महज 12 दिन ही राज्य का नेतृत्व किया। कांग्रेस के दिग्‍व‍िजय सिंह भाजपा के शिवराज सिंह चौहान के बाद दूसरे नंबर हैं जिन्होंने राज्य का नेतृत्व दस वर्षों तक किया। प्रदेश तो तीन बार राष्ट्रपति शासन का भी सामना करना पड़ा था।

आइए डालते हैं आंकड़ों पर एक नजर….

भाजपा

  • 16 वर्ष से अधिक समय तक मुख्यमंत्री रहकर बनाया रिकार्ड
  • 4 बार अब तक बने मुख्यमंत्री
  • 29 नवंबर 2005 को पहली बार ली थी मुख्यमंत्री पद की शपथ

7 मुख्यमंत्री बने भाजपा या तत्कालीन जनता दल से

जनता दल(तब भाजपा इसी दल में थी) से मुख्यमंत्री

  • कैलाश चंद्र जोशी
  • वीरेंद्र कुमार सकलेचा
  • सुंदर लाल पटवा

भाजपा से

कांग्रेस

  • 11 मुख्यमंत्री कांग्रेस ने दिए
  • 10 वर्ष दिग्विजय सिंह रहे मुख्यमंत्री
  • 15 महीने का कार्यकाल रहा कमल नाथ का

कांग्रेस के मुख्यमंत्री

संयुक्त विधायक दल के मुख्यमंत्री

तीन बार लगाया गया राष्ट्रपति शासन

  • 30 अप्रैल 1977 से 23 जून 1977 तक
  • 17 फरवरी 1980 से 9 जून 1980 तक
  • 15 दिसंबर 1992 से 6 दिसंबर 1993 तक

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.

ब्रेकिंग
UP में दोपह‍िया वाहनों के ल‍िए न‍ियमों में बड़ा बदलाव, 3 महीने के लिए लाइसेंस भी हो सकता है सस्‍पेंड... लालू ने कह दी दिल की बात, अब क्या करेंगे तेजस्वी, तेज प्रताप की घर वापसी फाइनल? UP राजधानी लखनऊ के शहीद पथ पर ट्रैफिक रोके बिना ग्रीन कॉरिडोर बनेगा, किसान पथ तक होना है निर्माण। बांदा परिवहन विभाग में फिटनेस का खेल! पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत के फैसले अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर डब्ल्यूओएस ने किया शक्ति उत्सव आयोज। विधान परिषद के बजट सत्र 2025-26 के अंतर्गत बजट लाईव। भारतीय नौसेना का जहाज कुठार श्रीलंका के कोलंबो पहुंचा। कृषि भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और किसान प्राण, केंद्रीय कृषि मंत्री। इलेक्ट्रॉनिक्स इंडस्ट्री से संरक्षणवाद को छोड़कर उपभोक्ता हितों को प्राथमिकता देने का आग्रह किया,पीय...