Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
भारत के राष्ट्रपति ने शिक्षकों को राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किए। Happy Teachers Day 2026: शिक्षक दिवस क्यों मनाया जाता है? जानें इतिहास और महत्व शुभ जन्माष्टमी: भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव पर देशभर में भक्ति और उल्लास Lucknow: महापौर सुषमा खर्कवाल ने सैन्य अधिकारियों संग मनाया रक्षाबंधन Shubhash Chandra Case: 6.5 करोड़ में रफा-दफा हो गया सुभाष चंद्रा का 22 हजार करोड़ का कर्ज, बैंक झेले... भलस्वा डेयरी में बाइक जब्ती के बाद पुलिसकर्मियों पर हमला, मिर्च पाउडर डालकर पीटने का आरोप चीनी के दाम बढ़ने की मुख्य वजह क्या है ? लोअर बर्थ के नीचे सामान पर किसका हक? योगी आदित्यनाथ सरकार ने 52 प्रमुख नेताओं को दी बुलेटप्रूफ जैकेट, कीमत 10 लाख रुपए.... सीएम योगी के साथ जापानी Gen-Z's....

साध्वी प्रज्ञा ठाकुर का पत्ता काटेगी भाजपा? भोपाल सीट से शिवराज सिंह चौहान का नाम लगभग तय

भोपाल: लोकसभा चुनाव के मद्देनजर गुरुवार को भाजपा केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक बुलाई गई थी। बैठक में देशभर के करीब 150 सीटों के लिए उम्मीदवारों के नाम पर मंथन किया गया। बताया जा रहा है कि बैठक में कुछ सीटों के लिए उम्मीदवारों के नाम पर सहमति बन गई और कभी भी उम्मीदवारों की सूची जारी की जा सकती है। वहीं, कहा ये भी जा रहा है कि भाजपा एक बार फिर से बड़ी संख्या में सांसदों की टिकट काट सकती है। टिकट कटने वाले सांसदों में एक नाम साध्वी प्रज्ञा ठाकुर का भी है। तो चलिए जानते हैं कि भोपाल सीट इस बार पार्टी किसे अपना उम्मीदवार बनाना चहती है।

मिली जानकारी के अनुसार कल हुई केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक में भाजपा नेताओं के बीच भोपाल सीट पर लंबी चर्चा हुई। भोपाल वहीं सीट है जहां से साध्वी प्रज्ञा ठाकुर चुनाव जीतकर संसद पहुंची है। कहा जा रहा है कि इस बार भाजपा साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर की टिकट इस बार काटने के मूड में है और पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान को चुनावी मैदान में उतारना चाह रही है। बता दें कि करीब 18 साल तक मुख्यमंत्री रहे शिवराज सिंह चौहान 1991 से 2004 तक पांच बार के सांसद भी रह चुके हैं। हालांकि तब वो विदिशा सीट से चुनकर आते थे, लेकिन इस बार पार्टी उन्हें भोपाल सीट से उतारना चाह रही है।

हांलाकि पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान सार्वजनिक मंच से पहले भी कह चुके हैं कि उन्हें दिल्ली रास नहीं आती। यानि शिवराज राज्य की राजनीतिक करना चाहते हैं और वो दिल्ली नहीं जाना चाहते। पांच बार के सांसद रहने के बाद भी शिवराज दिल्ली क्यों नहीं जाना चाहते ये तो अब तक सामने नहीं आया है। देखा जाए तो शिवराज मध्यप्रदेश के बड़े लोकप्रिय नेता हैं और ऐसे में भाजपा उन्हें भुनाने का मौका नहीं छोड़ सकती। मध्य प्रदेश में एक और बड़े नाम ज्योतिरादित्य सिंधिया पर भी चर्चा हुई है। उनको परिवार की परंपरागत सीट गुना-शिवपुरी से ही उतारा जा सकता है।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.