उज्जैन। श्रावण मास में सोमवार को नागपंचमी के संयोग में भगवान महाकाल की सातवीं सवारी निकलेगी। भक्तों को भगवान महाकाल के एक साथ सात रूपों के दर्शन होंगे।महाकाल मंदिर से शाम 4 बजे शाही ठाठ बाट के साथ सवारी शुरू होगी। सवारी में अवंतिकानाथ चांदी की पालकी में चंद्रमौलेश्वर, हाथी पर मनमहेश, गरुड़ पर शिवतांडव, नंदी पर उमा महेश, डोल रथ पर होलकर तथा अन्य रथों पर घटाटोप व सप्तधान रूप में सवार होकर भक्तों को दर्शन देने निकलेंगे। परंपरागत मार्गों से होते हुए राजा की पालकी मोक्षदायिनी शिप्रा के रामघाट पहुंचेगी। यहां पुजारी शिप्रा जल से भगवान का अभिषेक कर पूजा अर्चना करेंगे। पूजन पश्चात महाकाल सवारी पुन: मंदिर के लिए रवाना होगी
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