Breaking News in Hindi

हाईकोर्ट ने पूछा, पिछले आर्डर के पालन में क्या कार्यवाही हुई

ग्वालियर। हाईकोर्ट में पुलिस द्वारा मादक पदार्थ की जांच में हुई गड़बड़ी के मामले में शुक्रवार को सुनवाई हुई। इस मामले में तलब किए अधिकारियों में से जो पेश हुए उनकी मौजूदगी में सुनवाई पूरी हुई । हाईकोर्ट ने इस मामले में आगामी दो सप्ताह के भीतर हाईकोर्ट के 14 जुलाई के आदेश के पालन में हुई कार्यवाही का पूरा ब्यौरा मांगा है, जिसे अगली सुनवाई पर पेश करना होगा साथ ही मामले से जुडे कुछ आवश्यक दस्तावेज भी पेश करने होंगे। बता दें कि इस मामले में 14 जुलाई को हुई सुनवाई में हाईकोर्ट ने प्रदेश के डीजीपी , चंबल रेंज के आईजी, मुरैना के एसपी, और जब्ती अधिकारी को 26 जुलाई की सुनवाई के लिए तलब किया था , जहां आ कर उन पुलिस अधिकारियों को यह बताना था कि सुप्रीम कोर्ट के दिशा निर्देश होने के बाद भी मामले की जांच में लापरवाही क्यों बरती जा रही है। लेकिन किसी कारणवश उस दिन सुनवाई नहीं हुई थी ।

पुलिस ने पैकेट बनाकर जांच के लिए भेजे

दरअसल, नूराबाद पुलिस के एसआइ उपेंद्र पाराशर को सूचना मिली थी कि दो लोग कार से ग्वालियर से मुरैना जा रहे हैं, उनके पास भारी मात्रा में गांजा है। पुलिस ने सूचना के आधार पर नाकाबंदी कर दी। उन्हें एक कार आती दिखाई दी जिसमें आरोपित इश्तखार खान और तनवीर अली बैठे थे। पुलिस को देखकर वह मौके से फरार होने लगे। पुलिस ने उन्हें पकडकर उनके पास से कथित रूप से 54.200 किग्रा गांजे के 57 छोटे बड़े पैकेट बरामद किए। पुलिस ने सभी पैकेटों का माल को मिला कर एक त्रिपाल के नीचे रख दिया। फिर उसमें से 100-100 ग्राम के पैकेट बनाकर जांच के लिए भेज दिए।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.

ब्रेकिंग
UP में दोपह‍िया वाहनों के ल‍िए न‍ियमों में बड़ा बदलाव, 3 महीने के लिए लाइसेंस भी हो सकता है सस्‍पेंड... लालू ने कह दी दिल की बात, अब क्या करेंगे तेजस्वी, तेज प्रताप की घर वापसी फाइनल? UP राजधानी लखनऊ के शहीद पथ पर ट्रैफिक रोके बिना ग्रीन कॉरिडोर बनेगा, किसान पथ तक होना है निर्माण। बांदा परिवहन विभाग में फिटनेस का खेल! पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत के फैसले अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर डब्ल्यूओएस ने किया शक्ति उत्सव आयोज। विधान परिषद के बजट सत्र 2025-26 के अंतर्गत बजट लाईव। भारतीय नौसेना का जहाज कुठार श्रीलंका के कोलंबो पहुंचा। कृषि भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और किसान प्राण, केंद्रीय कृषि मंत्री। इलेक्ट्रॉनिक्स इंडस्ट्री से संरक्षणवाद को छोड़कर उपभोक्ता हितों को प्राथमिकता देने का आग्रह किया,पीय...