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इंदौर में नवरात्रि के दौरान रात 10 बजे तक ही हो सकेंगे गरबे, आचार संहिता के चलते प्रशासन का निर्णय

इंदौर। चुनाव आचार संहिता का असर इस बार नवरात्रि पर होने वाले गरबों पर भी पड़ेगा। पूरे इंदौर में नवरात्रि का त्यौहार भक्तिभाव और उल्हास के साथ मनाया जाता है। देर रात तक गरबा पांडाल में गरबों की धूम रहती है, लेकिन इस बार ऐसा नहीं होगा। चुनाव आचार संहिता के चलते इस बार गरबा पांडालों में रात 10 बजे बाद ही गरबे हो सकेंगे। आयोजकों को इससे पहले आयोजन को बंद करना होगा। इधर कांग्रेस इसके खिलाफ मैदान में उतर आई है।

मप्र कांग्रेस कमेटी के प्रदेश प्रवक्ता एडवोकेट प्रमोद कुमार द्विवेदी ने शासन पर धर्म विरोधी होने का आरोप लगाते हुए सवाल किया है कि जिस शहर में नवरात्री पर उत्सवप्रियता चरम पर होती है। बड़े पैमाने पर शीतकालीन नवरात्रि में गरबों का आयोजन होता हो, बड़े बड़े मीडिया घराने, मंडल, समाजिक संस्थाएं आदि गरबा महोत्सव आयोजित करते हों वहां चुनाव आचार संहिता के नाम पर गरबा महोत्सव को रात दस बजे तक सीमित किया जाना हिटलरशाही है।

परंपरागत आयोजन, त्यौहार आचार संहिता की हद से बाहर होते हैं। आचार संहिता में राजनीतिक दलों की बैठक, सभा, माइक लगाकर प्रचार आदि रात दस बजे बाद करने पर पाबंदी है। द्विवेदी ने जिला प्रशासन से गरबों को रात 10 बजे बाद भी अनुमति देने की मांग की है।

तीन सीटों पर मंथन जारी, नवरात्री के पहले दिन हो सकती है जारी

भाजपा की अगली सूची नवरात्री के पहले दिन जारी हो सकती है। सूत्रों के मुताबिक, इस सूची में इंदौर की बची हुई तीन विधानसभा सीटों में से दो पर नाम घोषित हो सकती हैं। संगठन एक सीट पर अंतिम समय में निर्णय लेगा। इंदौर जिले की नौ विधानसभा सीटों में से अब तक छह पर भाजपा प्रत्याशी घोषित कर चुकी है। शेष तीन सीटों में इंदौर-तीन, इंदौर-पांच और महू विधानसभा सीटें शामिल हैं।

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