Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
UP में दोपह‍िया वाहनों के ल‍िए न‍ियमों में बड़ा बदलाव, 3 महीने के लिए लाइसेंस भी हो सकता है सस्‍पेंड... लालू ने कह दी दिल की बात, अब क्या करेंगे तेजस्वी, तेज प्रताप की घर वापसी फाइनल? UP राजधानी लखनऊ के शहीद पथ पर ट्रैफिक रोके बिना ग्रीन कॉरिडोर बनेगा, किसान पथ तक होना है निर्माण। बांदा परिवहन विभाग में फिटनेस का खेल! पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत के फैसले अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर डब्ल्यूओएस ने किया शक्ति उत्सव आयोज। विधान परिषद के बजट सत्र 2025-26 के अंतर्गत बजट लाईव। भारतीय नौसेना का जहाज कुठार श्रीलंका के कोलंबो पहुंचा। कृषि भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और किसान प्राण, केंद्रीय कृषि मंत्री। इलेक्ट्रॉनिक्स इंडस्ट्री से संरक्षणवाद को छोड़कर उपभोक्ता हितों को प्राथमिकता देने का आग्रह किया,पीय...

दमोह के अथाई गांव में पटाखों का विनष्टीकरण, क्षेत्र धमाके से दहल गया

दमोह। देहात थाना की जबलपुर नाका चौकी अंतर्गत आने वाले अथाई गांव में पुलिस की बीडीएस टीम ने अवैध पटाखा फैक्ट्री से जब्त किए गए पटाखों का विनष्टीकरण किया।धमाका इतना तेज था कि जबलपुर नाका क्षेत्र धमाके से दहल गया और झटका महसूस हुआ। जिससे लोगों ने इसे भूकंप का झटका समझ लिया और इंटरनेट मीडिया पर लिखकर इस बात की पुष्टि करने लगे कि कहीं भूकंप तो नहीं आया।

अथाई गांव में विस्फोट का वीडियो सामने आया

कुछ लोग अपने-अपने क्षेत्र में झटके आने की बात लिखने लगे। तभी इंटरनेट मीडिया पर अथाई गांव में हो रहे एक विस्फोट का वीडियो सामने आया। जिसमें कुछ ही देर में इतना जोर का धमाका हुआ कि चारों ओर आग ही आग दिखाई देने लगी और धुएं के बादल बन गए।

दमोह सीएसपी बोले-नष्ट करना बेहद जरूरी था

जब इस बारे में दमोह सीएसपी अभिषेक तिवारी से जानकारी ली तो उन्होंने बताया कि बड़े पुल पर जो अवैध पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट हुआ था उसी फैक्ट्री से इन पटाखों को जब्त किया गया था जिनको नष्ट करना बेहद जरूरी था। इसलिए मंगलवार को अथाई गांव में पहाड़ी के नजदीक इन पटाखों का विनष्टीकरण किया गया और लोगाें को जब इस बात की जानकारी लग गई कि यह भूकंप का झटका नहीं था तब उन्होंने राहत की सांस ली।

अवैध पटाखा फैक्ट्री विस्फोट में हुई थी छह मौतें

बतादें कि 31 अक्टूबर की दोपहर बड़ा पुल पर संचालित अवैध पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट हुआ था। जिसमें फैक्ट्री संचालक अभय गुप्ता सहित दो महिलाओं की मौत हो गई थी और तीन महिलाओं ने जबलपुर में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया था।पटाखों के विनष्टीकरण के विस्फोट से यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि जब लोगों ने भूकंप जैसे झटके महसूस किए तो फैक्ट्री में कितनी जोर का धमाका हुआ होगा।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.