Breaking News in Hindi

इस देश में बुजुर्गों की देखभाल करना हुआ महंगा, घर में जगह नहीं, टूट रहे परिवार

 अमेरिका में बुजुर्गों की देखभाल करना महंगा पड़ रहा है। ओल्ड एज होम का किराया ज्यादा हो गया है। इसलिए बुजुर्ग घर लौट रहे हैं, लेकिन पूरे परिवार के लिए घर छोटे पड़ रहे हैं। इसलिए परिवार तक टूटने लगे हैं। बुजुर्गों की देखभाल के लिए दोस्त और रिश्तेदार सामूहिक व्यवस्था कर रहे हैं, जहां उनके परिवार के बुजुर्ग रह सकें।

बढ़ती महंगाई के बीच सरकारी मदद भी बहुत कम हो गई है। अगर वे गरीबी रेखा के दायरे में नहीं आते हैं, तो सरकार से कोई मदद नहीं मिलती। दूसरी ओर, बुजुर्गों की देखभाल के लिए नियुक्त लोगों की सैलरी कम है, इससे वे अल्जाइमर जैसी बीमारियों से जूझ रहे बुजुर्गों की देखभाल करने के लिए तैयार नहीं होते। ऐसे में बुजुर्ग अपने परिवार पर निर्भर हैं, लेकिन वे उनकी देखभाल नहीं कर पा रहे। 

बुजुर्गों की देखभाल का खर्च करीब 2500 रु. प्रति घंटे
ओल्ड एज होम में बुजुर्गों की देखभाल की लागत करीब 2500 रु. प्रति घंटे है। ब्यूरो ऑफ लेबर स्टैटिस्टिक्स के अनुसार, 2022 में लगभग 37 लाख लोगों के पास देखभाल में सहायक के रूप में नौकरियां थीं। इनमें से आधे प्रति वर्ष करीब 25 लाख रुपए या प्रति घंटे 1200 रुपए कम कमा रहे थे। अगले एक दशक में ऐसे लोगों की संख्या में 20% की वृद्धि होने की उम्मीद है। लेकिन काम की परिस्थितियां
कठिन हैं। वेतन आमतौर पर कम है और काम के घंटे तय नहीं हैं।

80 लाख अमेरिकी अल्जाइमर पीड़ित
द न्यूयॉर्क टाइम्स और केएफएफ हेल्थ न्यूज के सर्वेक्षण के अनुसार, 65 वर्ष और उससे अधिक उम्र के लगभग 80 लाख अमेरिकी अल्जाइमर पीड़ित हैं। ऐसे 10 लाख को ही नर्सिंग होम सुविधा मिली। 30 लाख बेसहारा हैं।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.

ब्रेकिंग
चोरी के डर से छत पर चढ़ा दी Scorpio! गोपालगंज में क्रेन से दो मंजिल ऊपर पहुंचाई SUV सड़क बनेगी तो धंसेगी, धंसेगी तो बनेगी: केशव मौर्य इंडोनेशिया में माउंट अनाक क्राकाटाऊ में जोरदार विस्फोट, 50,000 फीट तक पहुंचा राख का गुबार भारत के राष्ट्रपति ने शिक्षकों को राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किए। Happy Teachers Day 2026: शिक्षक दिवस क्यों मनाया जाता है? जानें इतिहास और महत्व शुभ जन्माष्टमी: भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव पर देशभर में भक्ति और उल्लास Lucknow: महापौर सुषमा खर्कवाल ने सैन्य अधिकारियों संग मनाया रक्षाबंधन Shubhash Chandra Case: 6.5 करोड़ में रफा-दफा हो गया सुभाष चंद्रा का 22 हजार करोड़ का कर्ज, बैंक झेले... भलस्वा डेयरी में बाइक जब्ती के बाद पुलिसकर्मियों पर हमला, मिर्च पाउडर डालकर पीटने का आरोप चीनी के दाम बढ़ने की मुख्य वजह क्या है ?