Breaking News in Hindi

इंदौर में सिटी बस ने सिग्नल तोड़ा, कट मारे, फिर चालक की हुई धुनाई

इंदौर। आर-5 रूट पर चलने वाली सिटी बस (एमपी-09-पीए- 0602) है। उसने गुरुवार को विजय नगर चौराहे से सयाजी चौक के बीच कई वाहनों को कट मारा। इसके बाद सयाजी चौराहे पर सिग्नल तोड़ा और फिर वाहनों को कट मारा। सयाजी चौराहे पर सिटी बस के यातायात में फंसने पर कई लोगों ने बस चालक पर हाथ साफ किए। उनका आरोप था कि यह बस चालक विजय नगर से ही कई लोगों को कट मारते हुए आ रहा है। 40-50 लोगों को बस में बैठाकर गुरुवार को बस चालक मौत का खेल खेल रहा था।

दरअसल, विजय नगर चौराहे से बापट की तरफ जाने वाली सिटी बस ने सयाजी चौराहा पर दोपहर 12 बजकर 42 मिनट पर सिग्नल तोड़ा। उधर बापट की तरफ से आने वाला यातायात भमौरी की तरह जाने लगा, इसलिए सिटी बस को बीच चौराहा पर ही खड़ा होना पड़ा। चालक इतनी जल्दी में था कि ग्रीन सिग्नल मिलने के बाद भमोरी जाने वाला यातायात पूरा निकल भी नहीं पाया कि वह बस को बापट की तरफ बढ़ाने लगा।

दुर्व्यवहार की कई घटनाएं आ चुकी हैं सामने

सयाजी चौक पर नईदुनिया रिपोर्टर के सामने ही सिटी बस ने तीन-चार बाइक सवारों को टक्कर मारी। यातायात ज्यादा होने की वजह से बस बीच चौराह पर ही फंस गई। इतने में विजय नगर तरफ से कुछ लोग आए और बस चालक से बहस करने लगे। बस चालक के तैश दिखाने पर वहां मौजूद गुस्साए लोगों ने उसकी पिटाई कर दी। लोगों का आरोप है कि चालक नशे में था।

उसने लापरवाहीपूर्वक बस चलाते हुए विजय नगर चौराहे पर ही कई लोगों को टक्कर मारी। कुछ देर तक सयाजी चौराहा पर जाम की स्थिति बनी रही। बाद में सवारियों ने बीच-बचाव करते हुए बस चालक को बचाया। इससे पहले भी चालक-परिचालकों के दुर्व्यवहार और मासिक पास को राशन कार्ड बताने जैसी घटनाएं सामने आ चुकी हैं। बावजूद इसके सिटी बस कंपनी संचालन व्यवस्था में कोई सुधार नहीं कर पा रही है।

ओरिएंटेशन प्रोग्राम का बन रहा मजाक

अटल सिटी बस कार्यालय में हर महीने ‘ड्राइवर ट्रेनिंग प्रोग्राम’ होता है। इसमें चालक और परिचालकों को मौलिक व नैतिक व्यवहार, गलतियों आदि पर चर्चा की जाती है। ताकि वह सड़क पर लोगों और सवारियों से सम्माजनक व्यवहार कर सकें। साथ ही यातायात नियमों का पालन करें लेकिन कंपनी का प्रशिक्षण पर लगने वाला पैसा और समय बर्बाद हो रहा है। चालकों और परिचालकों के व्यवहार को लेकर कोई सुधार नहीं आ रहा है। रोजाना डिपो से सिटी बसों के निकलने से पहले चालक और परिचालकों को निर्देश दिए जाते है, फिर भी सड़कों पर चालकों और परिचालकों का व्यवहार आश्चर्यजनक है।

मैं केवल सिटी बस का काम नहीं देखता हूं। मेरे पास नगर निगम का भी काफी काम रहता है। इसलिए मैं पूरे समय सिटी बस का कार्य नहीं देख पाता हूं। आपसे मामला संज्ञान में आया है। इसकी जांच कराई जाएगी।

– मनोज पाठक, सीईओ, अटल इंदौर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.

ब्रेकिंग
इंडोनेशिया में माउंट अनाक क्राकाटाऊ में जोरदार विस्फोट, 50,000 फीट तक पहुंचा राख का गुबार भारत के राष्ट्रपति ने शिक्षकों को राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किए। Happy Teachers Day 2026: शिक्षक दिवस क्यों मनाया जाता है? जानें इतिहास और महत्व शुभ जन्माष्टमी: भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव पर देशभर में भक्ति और उल्लास Lucknow: महापौर सुषमा खर्कवाल ने सैन्य अधिकारियों संग मनाया रक्षाबंधन Shubhash Chandra Case: 6.5 करोड़ में रफा-दफा हो गया सुभाष चंद्रा का 22 हजार करोड़ का कर्ज, बैंक झेले... भलस्वा डेयरी में बाइक जब्ती के बाद पुलिसकर्मियों पर हमला, मिर्च पाउडर डालकर पीटने का आरोप चीनी के दाम बढ़ने की मुख्य वजह क्या है ? लोअर बर्थ के नीचे सामान पर किसका हक? योगी आदित्यनाथ सरकार ने 52 प्रमुख नेताओं को दी बुलेटप्रूफ जैकेट, कीमत 10 लाख रुपए....