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सीहोर में अतिवर्षा के बाद डूबे गांव कोलार डेम के दो गेट खोले गए

भोपाल। राजधानी के पड़ोसी जिलों में हो रही लगातार वर्षा के बाद शहर के जलाशयों में भी जलस्तर बढ़ने लगा है। भैरुंदा के आसपास अधिक वर्षा होने से सीहोर जिले के एक दर्जन से अधिक गांव जलमग्न हो गए, जिसके बाद कोलार डेम के दो गेट खोले गए हैं। इधर सीहोर से भोपाल आने वाली कोलांस नदी भी इस मौसम में पहली बार उफान पर आ गई है। यह अपने सामान्य स्तर से 8.5 फीट ऊपर बह रही है, ऐसे में शहर बडे तालाब का जलस्तर भी तेजी से बढ़ रहा है। बड़े तालाब का जलस्तर 1662.60 फीट पर पहुंच गया है, जोकि एफटीएल से चार फीट कम है। बड़े तालाब के पूरा भरने पर भदभदा के गेट खोले जाएंगे।

बता दें कि शुक्रवार को भैरुंदा में तीन घंटे में दो इंच से अधिक वर्षा होने से नदी-नाले उफान पर आ गए। आसपास के एक दर्जन से अधिक गांव जलमग्न हो गए। ऐसे में सीहोर कलेक्टर के निर्देश के बाद कोलार डेम के दो गेट खोल दिए गए। हालांकि अभी कोलार डेम फुलटैंक लेवल से पांच फीट खाली है। वर्तमान में इसका जलस्तर 457.21 मीटर है। इधर भैरुंदा में सीप व कोलार नदी उफान पर होने से इसका पानी कोलार डेम में पहुंच रहा है।

केरवा व कलियासोत के जलस्तर में भी हुई वृद्वि

शहर में अब तक सामान्य से 42.1 मिलीमीटर अधिक वर्षा हो चुकी है। शुक्रवार सुबह तक शहर में 422.6 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है। इसकी वजह से केरवा व कलियासोत डेम के जलस्तर में भी वृद्वि हुई है। वर्तमान में केरवा को 506.73 मीटर व कलियासोत डेम का जलस्तर 502.70 मीटर है। हालांकि अभी इनके फुल टैंक लेवल तक पहुंचने के लिए तीन-तीन मीटर पानी की और आवश्यकता है।

पिछले वर्ष 24 जुलाई तक लबालब हो गए थे डेम

वर्ष 2022 में 24 जुलाई तक भदभदा, केरवा व कलियासोत डेम लबालब हो गए थे, जिसके बाद तीनों डेम के गेट खोल दिए गए थे। वहीं कैचमेंट क्षेत्र में अधिक वर्षा होने से कोलार डेम के भी गेट खोले गए थे, हालांकि पिछली बार भी फुलटैंक लेवल तक पहुंचने से पहले ही इसके गेट खोले गए थे।

इनका कहना है

भैरुंदा के आसपास अधिक वर्षा होने के बाद कोलार डेम के दो गेट दोपहर 12.30 खोल दिए गए हैं। इन दोनों गेट से निरंतर पानी रिलीज किया जा रहा है, जिससे कैचमेंट क्षेत्र के गांवों को जलमग्न होने से बचाया जा सके।

– हर्षा जैनवाल, ईई जल संसाधन विभाग

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