Breaking News in Hindi

Chhath Puja 2023: नहाया-खाया से शुरू किया महिलाओं ने छठ पर्व,आज से होगा व्रत प्रारंभ

ग्वालियर। सुहाग की लंबी आयु और संतान के सुखी जीवन व घर में सुख समृद्धि के लिए रखे जाने वाला छठ पर्व की शुरूआत हो गई। शुक्रवार को महिलाओं ने छठ पर्व के पहले दिन नहाया-खाया से प्रारंभ किया। शनिवार की शाम को भगवान सूर्य की आराधना के बाद 36 घंटे का निर्जला उपवास शुरू होगा जो 20 नवंबर की सुबह भगवान सूर्य की पूजा अर्चना के बाद ही पारण होगा। ज्योतिषाचार्य सुनील चोपड़ा का कहना है कि चार दिनों तक चलने वाला यह महापर्व उषा, प्रकृति, जल, वायु और सूर्यदेव की बहन षष्ठी माता को समर्पित है। इसमें विशेष रूप से सूर्य देव को अर्घ्य देने की परंपरा है और यह परंपरा सदियों से चली आ रही है। आज भी लोग भक्तिभाव और पूर्ण श्रद्धा के साथ इसे मनाते हैं। इसमें व्रती पूरे 36 घंटे का निर्जला व्रत रखती हैं। इसलिए छठ व्रत को कठिन व्रतों में एक माना गया है।

आज होगा खरना

छठ पर्व के दूसरे दिन शनिवार को खरना होता है, इस दिन सूर्योदय सुबह 6 बजकर 46 मिनट और सूर्यास्त शाम 5 बजकर 26 मिनट पर होगा। खरना के दिन व्रती केवल एक ही समय शाम में मीठा भोजन करती है। इस दिन मुख्य रूप से चावल के खीर का प्रसाद बनाया जाता है, जिसे मिट्टी के चूल्हे में आम की लकड़ी जलाकर बनाया जाता है। इस प्रसाद को ग्रहण करने के बाद व्रती का निर्जला व्रत शुरू हो जाता है। इसके बाद सीधे पारण किया जाता है।

छठ पूजा का तीसरा दिन होगी संध्या अर्घ्य

19 नवम्बर को छठ पूजा का तीसरा दिन महत्वपूर्ण होता है।इस दिन घर-परिवार के सभी लोग घाट पर जाते हैं और डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य देता है। इस साल छठ पूजा का अस्त चलगामी अर्घ्य सूर्यास्त शाम 5 बजकर 26 मिनट पर होगा। इस दिन सूप में फल, ठेकुआ, चावल के लड्डू आदि प्रसाद को सजाकर और कमर तक पानी में रहकर परिक्रमा करते हुए अर्घ्य देने की परंपरा है।

ऊषा अर्घ्य के बाद होगा पारण

छठ पूजा अंतिम और चौथा दिन यानी सप्तमी तिथि को उगते हुए सूर्य को अर्घ्य देने की परंपरा है। ऊषा अर्घ्य सोमवार 20 नवंबर को होगा, इस दिन सूर्योदय सुबह 6 बजकर 47 मिनट पर होगा। इसके बाद व्रती प्रसाद ग्रहण कर पारण करती है।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.

ब्रेकिंग
सड़क बनेगी तो धंसेगी, धंसेगी तो बनेगी: केशव मौर्य इंडोनेशिया में माउंट अनाक क्राकाटाऊ में जोरदार विस्फोट, 50,000 फीट तक पहुंचा राख का गुबार भारत के राष्ट्रपति ने शिक्षकों को राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किए। Happy Teachers Day 2026: शिक्षक दिवस क्यों मनाया जाता है? जानें इतिहास और महत्व शुभ जन्माष्टमी: भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव पर देशभर में भक्ति और उल्लास Lucknow: महापौर सुषमा खर्कवाल ने सैन्य अधिकारियों संग मनाया रक्षाबंधन Shubhash Chandra Case: 6.5 करोड़ में रफा-दफा हो गया सुभाष चंद्रा का 22 हजार करोड़ का कर्ज, बैंक झेले... भलस्वा डेयरी में बाइक जब्ती के बाद पुलिसकर्मियों पर हमला, मिर्च पाउडर डालकर पीटने का आरोप चीनी के दाम बढ़ने की मुख्य वजह क्या है ? लोअर बर्थ के नीचे सामान पर किसका हक?