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अब स्मार्ट क्लासरूम की देख रेख करने वाला कोई नहीं, अनुबंध खत्म

ग्वालियर (नप्र)। शहर के 37 स्कूलों में स्मार्ट क्लासरूमों की देखरेख करने वाला अब कोई नहीं है। इन स्मार्ट क्लासरूमों को तैयार करने वाली स्मार्ट सिटी कंपनी ने अब हाथ खड़े कर दिए हैं। दरअसल हकीकत में 30 सितंबर 2023 को इन स्कूलों में सिविल वर्क, सप्लाई, कमीशनिंग व मेंटेनेंस का अनुबंध खत्म हो गया है, अब आगामी संचालन स्मार्ट सिटी नहीं करेगी। खुद स्मार्ट सिटी कंपनी ने जिला शिक्षा अधिकारी को पत्र लिखकर अब आगे स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से मेंटेनेंस कराए जाने के लिए पत्र लिखा है। बता दें कि शहर में 37 स्कूल जो नगर निगम सीमा में आती हैं इनमें स्मार्ट क्लासरूमों का काम पूरा हो चुका है।

सभी संबंधित स्कूलों के प्राचार्यों द्वारा स्थापित की गई सामग्री की प्राप्ति और अनापत्ति प्रमाण पत्र स्मार्ट सिटी को प्रस्तुत कर दिए गए हैं। इन क्लासरूमों का कंसेप्ट यह था कि विद्यार्थियों को इंटरनेट की मदद से नवीन तरीकों से पढ़ाया जाएगा, लेकिन बीच में कोरोना के कारण छात्र-छात्राएं इस सुविधा से वंचित हो गए थे। छात्र-छात्राओं की सुविधा को देखते हुए इन स्मार्ट क्लास रूम में प्रयुक्त साफ्टवेयर एजूमिर्ता को अपडेट किया गया है। इससे छात्र-छात्राओं को अपनी क्लास से संबंधित पाठ्यक्रम को समझने में ज्यादा आसानी होगी, इसके साथ ही स्कूली स्टाफ को भी स्मार्ट क्लास रूम को क्रियान्वित करने के लिए खास प्रशिक्षण दिया गया है। स्मार्ट क्लास रूम में इस सत्र से डिजिटल कंटेंट व तकनीक द्वारा कक्षा एक से 12 तक के विद्यार्थियों को संबंधित विषयों के अध्ययन की सुविधा रखी गई है। इसके अलावा प्रोजेक्टर, कंप्यूटर, यूपीएस, सिरेमिक बोर्ड, वाइ-फाइ इंटरनेट कनेक्टर, बायोमेट्रिक डिवाइस, सीसीटीवी कैमरा आदि की सुविधा शामिल है।

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