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आप्टिकल फाइबर केबल का उत्पादन अब पीथमपुर में भी शुरू, केंद्रीय जल शक्ति मंत्री ने किया उद्घाटन

इंदौर। आधुनिक संचार के लिए जरूरी आप्टिकल फाइबर केबल का उत्पादन अब पीथमपुर में भी शुरू हो गया है। स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क में गुरुवार को केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्रसिंह शेखावत इसका औपचारिक उद्घाटन किया। करीब 400 करोड़ के निवेश से यह प्लांट स्थापित किया गया है। इस अवसर पर प्रदेश के जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट भी मौजूद थे। यह मालवा-निमाड़ का पहला आप्टिकल फाइबर केबल उत्पादन प्लांट है।

आप्टिकल फाइबर का जाल पूरी दुनिया में फैला

मंत्री शेखावत ने कहा कि आप्टिकल फाइबर का जाल पूरी दुनिया में फैला है। आप्टिकल फाइबर केबल इंडस्ट्री उभरती हुई इंडस्ट्री है, जिस पर पूरी दुनिया की नजर है। यह हमारे लिए गर्व की बात है कि इसका आविष्कार भारतीय मूल के व्यक्ति ने किया। प्लांट मेरी उम्मीद से कई गुना ज्यादा बड़ा है। कंपनी लीथियम आयन बैटरी के निर्माण पर भी व्यापक रूप से शोध कर रही है। प्रताप ग्रुप की यह यूनिट न केवल भारत को तकनीकी रूप से आगे ले जाएगी, बल्कि युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर देगी। स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क में करीब पांच साल पहले प्रताप डिजिटल कम्प्युनिकेशन को मप्र औद्योगिक विकास निगम (पूर्व में एकेवीएन) ने जमीन आवंटित की थी।

पहला बड़ा प्लांट

नेट्रेक्स के पास बने स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क में दो-तीन वर्षों में शुरू होने वाला यह पहला बड़ा प्लांट है। कारसिस नाम से आप्टिकल फाइबर के साथ केबल डक्ट का उत्पादन भी इस फैक्ट्री में होगा। कंपनी के दावे के अनुसार शुरुआत में 225 से ज्यादा लोग इससे रोजगार हासिल कर रहे हैं। आने वाले समय में यह संख्या 500 हो जाएगी। दावा किया जा रहा है कि कंपनी में डिजिटल कम्प्युनिकेशन क्षेत्र में शोध और विकास के लिए भी अनुसंधान केंद्र स्थापित किया गया है। कंपनी के सीएमडी देवेन्द्र सिंह शेखावत ने कहा कि हमारी यूनिट भारत में आप्टिकल फाइबर केबलों के निर्माण में हमारी स्थिति को और भी मजबूत करेगी। यह न केवल भारत की बढ़ती कनेक्टिविटी की जरूरतों को पूरा करेगी, बल्कि कंपनी की उपस्थिति को वैश्विक बाजार में भी मजबूत करेगी। प्लांट में हर साल 65 लाख किमी आप्टिकल फाइबर का उत्पादन हो सकेगा।

समय पर पूरी हो परियोजना

शेखावत से प्रदेश के जल संसाधन मंत्री सिलावट से प्रदेश में चल रही विभिन्न सिंचाई परियोजनाओं मुख्यतः केन-बेतवा राष्ट्रीय परियोजना, ईआरसीपी परियोजना के संबंध में जानकारी दी। केन्द्र सरकार से इन योजनाओं की समयावधि में पूर्ण होने के संबंध में चर्चा की। केंद्रीय मंत्री ने प्रदेश में चल रही समस्त सिंचाई परियोजनाओं के सफल क्रियान्वयन के लिए आवश्यक सहयोग प्रदान करने के लिए आश्वासन दिया। सिलावट ने केंद्रीय मंत्री को अन्य परियोजना का संशोधित एमओयू भी दिया। सिलावट ने बताया कि केन-बेतवा परियोजना के द्वितीय चरण और उससे संबंधित परियोजना के लिए संशोधित कार्ययोजना बनाई जाकर प्रस्तुत की गई है। इससे ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में सिंचाई के लिए अतिरिक्त पानी उपलब्ध होगा और उद्योग-धंधे लगने से रोजगार के हजारों अवसर के साथ नौकरी भी उपलब्ध होगी।

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