Breaking News in Hindi

इंदौर की उच्च शिक्षित 26 वर्षीय रानू चलेंगी वैराग्य के पथ पर, पांच दिनी भगवती दीक्षा महोत्सव 11 दिसंबर से

इंदौर। लोकनायक नगर में रहने वाली उच्च शिक्षित 26 वर्षीय रानू चांडलिया अब वैराग्य के पथ पर चलेंगी। उनका पांच दिनी भगवती दीक्षा महोत्सव 11 दिसंबर से शुरू होगा। पहले वे सीए बनाना चाहती थीं, लेकिन पांच साल पहले संतों के सान्निध्य में मन बदला और तप की ओर कदम बढ़ाए। दीक्षा लेने के बाद नया परिवेश और नया नाम मिलेगा।

मुमुक्षु रानू के पिता पारस और माता अंजू हैं। पिता किराना व्यवसायी हैं। पांच साल पहले मुंबई में दीक्षा समारोह में जाने का अवसर मिला। इसके बाद संसार की क्षणभंगुरता का ज्ञान हुआ और मन ही मन वैराग्य के पथ पर चलने की भावना प्रबल हुई। परिवार की आज्ञा मिलने में साढ़े तीन साल का समय लगा, लेकिन डेढ़ साल पहले माता-पिता और स्वजन की अनुमति और गुरु की आज्ञा मिलने के बाद दीक्षा के योग बने।

दो हजार किमी का कर चुकी हैं विहार

रानू संतों के सान्निध्य में दो हजार किलोमीटर विहार अब तक कर चुकी हैं। राजेंद्र जैन झामड़ ने बताया कि 11 दिसंबर को राजेंद्र ऋषभ फाउंडेशन के तत्वावधान में दोपहर 1.30 बजे लोकनायक नगर में ‘हल्दी के रंग, सजेंगे संयमी के संग’ कार्यक्रम होगा। 12 दिसंबर को मंगल प्रभातफेरी और नवकारसी का आयोजन रतनबाग जैन श्वेतांबर मंदिर में होगा।

वर्षीदान वरघोड़ा 13 दिसंबर को

13 दिसंबर को वर्षीदान वरघोड़ा सुबह नौ बजे महावीर स्वामी जिनालय कालानी नगर दलालबाग तक निकलेगा। 14 दिसंबर को दलालबाग परिसर में सुबह छह बजे से दीक्षा की विधि प्रारंभ होगी। 15 को नूतन साध्वी की भगवंत के पगलिये सुबह 6.30 बजे होगा।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.

ब्रेकिंग
BRICS Summit 2026: भारत के लिए कितना अहम है यह शिखर सम्मेलन? जानिए समूह से जुड़ी जरूरी बातें आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय ₹8,000 से बढ़कर ₹12,000 प्रतिमाह: UP सरकार का बड़ा ऐलान राजस्थान निकाय चुनाव 2026: 9 और 11 सितंबर को मतदान, 14 सितंबर को आएंगे नतीजे चोरी के डर से छत पर चढ़ा दी Scorpio! गोपालगंज में क्रेन से दो मंजिल ऊपर पहुंचाई SUV सड़क बनेगी तो धंसेगी, धंसेगी तो बनेगी: केशव मौर्य इंडोनेशिया में माउंट अनाक क्राकाटाऊ में जोरदार विस्फोट, 50,000 फीट तक पहुंचा राख का गुबार भारत के राष्ट्रपति ने शिक्षकों को राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किए। Happy Teachers Day 2026: शिक्षक दिवस क्यों मनाया जाता है? जानें इतिहास और महत्व शुभ जन्माष्टमी: भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव पर देशभर में भक्ति और उल्लास Lucknow: महापौर सुषमा खर्कवाल ने सैन्य अधिकारियों संग मनाया रक्षाबंधन