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चंबल नदी में फंसा स्टीमर, 150 यात्रियों की जान पर बनी आफत, वन विभाग ने किया रेस्‍क्‍यू

अंबाह। चंबल के उसैद घाट से उत्तर प्रदेश के पिनाहट घाट के बीच चलने वाले स्टीमर को लेकर एक बड़ी लापरवाही सामने आई है। दरअसल, चालक ने स्टीमर को यहां निर्माणाधीन पुल के पिलर के पास निकाल दिया, जिससे पिलर से लगे सरियों में स्टीमर फंस गया। करीब 150 के यात्री इस स्टीमर में सवार थे। काफी मशक्कत के बाद भी स्टीमर नहीं निकला तो आनन फानन में उत्तर प्रदेश वन विभाग को सूचना दी गई। जिस पर वन विभाग की टीम ने बोट लगाकर यात्रियों को यहां से बाहर निकाला।

रोजाना हजारों लोग करते हैं सफर

गौरतलब है कि चंबल में पांटून पुल हटने के बाद स्टीमर का संचालन किया जा रहा है, जिसमें हर दिन हजारों लोग इसका सफर तय कर मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश की सीमा में जाते हैं। मंगलवार की शाम को उत्तरप्रदेश की सीमा से स्टीमर 150 के करीब यात्रियों को भरकर मध्यप्रदेश की सीमा में आ रहा था। इसी बीच चालक ने चंबल पर बन रहे पुल के निर्माणाधीन पिलर के बगल से इसे निकाला तो यह स्टीमर इसके सरियों में उलझ गया। जिससे एक बार तो यह डगमगा गया। जिससे स्टीमर में बैठे यात्रियों में चीख पुकार मच गई।

काफी मशक्कत के बाद भी नहीं निकला स्‍टीमर

चंबल के बीचो बीच फंसे इस स्टीमर को निकालने का डेढ़ घंटे तक प्रयास किया गया। इस दौरान यात्रियों का डर बैठ गया कि कहीं यह पलट न जाए। मशक्कत के बाद भी यह स्टीमर इन सरियों से नहीं निकल सका। सूचना मिलने पर तत्काल राहत बचाव के लिए स्टीमर कर्मचारियों द्वारा किनारे के लोगों से मदद मांगी गई।

आनन फानन में वन विभाग कर्मी राहत बचाव के लिए अपनी मोटर बोट को लेकर स्टीमर के पास पहुंचे और यात्रियों को सुरक्षित निकालने के लिए रेस्क्यू आपरेशन चलाया। वन विभाग की बोट से ही वनकर्मी एवं स्टीमर कर्मचारियों द्वारा धीरे-धीरे सभी यात्रियों को रेस्क्यू कर सुरक्षित चंबल नदी घाट तक पहुंचाया गया।

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