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जबलपुर । जबलपुर को जल्द ही जबलपुर और मदनमहल रेलवे स्टेशन से बड़ा रेलवे होगा। यहां पर 12 से ज्यादा प्लेटफार्म हाेंगे, जहां से दिनभर में 30 से ज्यादा ट्रेनों को रवाना किया जा सकेंगे। इतना ही नहीं 24 घंटे के दौरान 150 से ज्यादा ट्रेनों को आवागमन होगा। दरअसल रेलवे, अधारताल रेलवे स्टेशन को टर्मिनल बनाने जा रहा है, जो जबलपुर रेलवे स्टेशन से भी बढ़ा और सुविधाजनक होगा। यहां पर ट्रेनों के रवाना करने, ठहरने से लेकर ट्रेनों के मेंटनेंस और उनकी सफाई की व्यवस्था होगी। इसके लिए रेलवे को लगभग 200 एकड़ से ज्यादा जमीन की जरूरत होगी।

 जबलपुर । जबलपुर को जल्द ही जबलपुर और मदनमहल रेलवे स्टेशन से बड़ा रेलवे होगा। यहां पर 12 से ज्यादा प्लेटफार्म हाेंगे, जहां से दिनभर में 30 से ज्यादा ट्रेनों को रवाना किया जा सकेंगे। इतना ही नहीं 24 घंटे के दौरान 150 से ज्यादा ट्रेनों को आवागमन होगा। दरअसल रेलवे, अधारताल रेलवे स्टेशन को टर्मिनल बनाने जा रहा है, जो जबलपुर रेलवे स्टेशन से भी बढ़ा और सुविधाजनक होगा। यहां पर ट्रेनों के रवाना करने, ठहरने से लेकर ट्रेनों के मेंटनेंस और उनकी सफाई की व्यवस्था होगी। इसके लिए रेलवे को लगभग 200 एकड़ से ज्यादा जमीन की जरूरत होगी।

जमीन की जरूरत को समझने के लिए रेलवे ने ड्रोन सर्वे भी कर लिया है

 

स्टेशन के एक ओर लगभग 100 एकड़ जमीन की जरूरत को जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय और खरपतवार अनुसंधान संस्थान की जमीन अधिग्रहण कर पूरा किया जाएगा, वहीं दूसरी ओर बीएसएनएल फैक्ट्री और अन्य शासकीय जमीन का अधिक्रमण कर जमीन की जरूरत पूरी होगी। इसको लेकर जबलपुर रेल मंडल ने सर्वे का काम पूरा कर लिया है। जमीन की जरूरत को समझने के लिए रेलवे ने ड्रोन सर्वे भी कर लिया है।

टर्मिनल बनाने का प्रस्ताव तैयार कर पश्चिम मध्य रेलवे जोन को भेजा जा रहा है। इस प्रस्ताव पर जोन की महाप्रबंधक शोभा बंदोउपाध्याय समीक्षा करेंगी। सभी पहलुओं को समझने के बाद इसे रेलवे बोर्ड भेजा जाएगा। जहां पर टर्मिनल से जुड़ी सभी जरूरतों का अध्ययन होगा। इसके बाद जमीन अधिग्रहण करने के लिए तैयार प्रस्ताव को रेलवे मंत्रालय, केंद्रीय किसान एवं कृषि मंत्रालय और सूचना एवं संचार मंत्रालय को भेजा जाएगा। इस दौरान टर्मिनल बनाने के लिए बजट और जमीन से जुड़े अंतिम निर्णय प्रधानमंत्री कार्यालय लेगा। रेलवे से जुड़े जानकार बताते हैं कि अधारताल स्टेशन को टर्मिनल बनाने के लिए लगभग 200 एकड़ से ज्यादा जमीन अधिग्रहण की जानी है। जमीन की जरूरत पूरी होने के बाद ही स्टेशन का विस्तार संभव है, इस वजह से पहले चरण में बजट स्वीकृति और जमीन अधिग्रहण का कार्य होगा।

 

50 साल की योजना तैयार कर रहा रेलवे

 

अधारताल रेलवे स्टेशन का टर्मिनल बनाने के लिए लगभग दो साल से योजना बनाई जा रही है, लेकिन रेलवे बोर्ड ने इस पर कोई रूझान नहीं दिखााया। हाल ही में जबलपुर के पश्चिम मध्य रेलवे जोन और मंडल के अधिकारियों के साथ हुई रेल मंत्री अश्वनी वैष्णव की बैठक में 50 साल की योजना तैयार करने कहा गया, जिसमें टर्मिनल की जरूरत बताई गई। इस पर जबलपुर रेल मंडल ने अधारताल को टर्मिनल बनाने के लिए उपयुक्त बताया। आने वाले 50 साल के दौरान ट्रेनों का ट्रैफिक बढ़ेगा, यात्रियों की संख्या में इजाफा होगा। ऐसे में शहर के बीच में होने की वजह से मदनमहल और जबलपुर का और विस्तार करना संभव नहीं है। अधारताल टर्मिनल बनाने के लिए उपयुक्त है। इस पर सहमति बनने के बाद रेलवे बोर्ड ने प्रस्ताव मांगा है, जिसे तैयार कर जल्द ही भेजा जाएगा।

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