Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
PM मोदी का 76वां जन्मदिन आज, बोले आशीर्वाद सेवा का संकल्प मजबूत करता है BRICS Summit 2026: भारत के लिए कितना अहम है यह शिखर सम्मेलन? जानिए समूह से जुड़ी जरूरी बातें आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय ₹8,000 से बढ़कर ₹12,000 प्रतिमाह: UP सरकार का बड़ा ऐलान राजस्थान निकाय चुनाव 2026: 9 और 11 सितंबर को मतदान, 14 सितंबर को आएंगे नतीजे चोरी के डर से छत पर चढ़ा दी Scorpio! गोपालगंज में क्रेन से दो मंजिल ऊपर पहुंचाई SUV सड़क बनेगी तो धंसेगी, धंसेगी तो बनेगी: केशव मौर्य इंडोनेशिया में माउंट अनाक क्राकाटाऊ में जोरदार विस्फोट, 50,000 फीट तक पहुंचा राख का गुबार भारत के राष्ट्रपति ने शिक्षकों को राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किए। Happy Teachers Day 2026: शिक्षक दिवस क्यों मनाया जाता है? जानें इतिहास और महत्व शुभ जन्माष्टमी: भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव पर देशभर में भक्ति और उल्लास

जातिगत भेदभाव खत्म करने के लिए आगे आईं 33 जातियां, ये अनूठी शपथ ली

रिंगनोद। एक तरफ जहां कई लोग जातिगत जनगणना की पैरवी कर इसे देशहित में बताते हैं तो दूसरी तरफ मप्र के धार जिले की सबसे बड़ी ग्राम पंचायत रिंगनोद के 33 जातियों के समाज प्रमुखों ने इस पैरवी को सिरे से खारिज करते हुए एक देवालय, एक जलाशय, एक श्मशान, एक पंगत और अनुसूचित जाति निर्विघ्न सामाजिक-धार्मिक कार्यक्रमों में किसी प्रकार का भेदभाव न करने का संकल्प लिया है। यही नहीं अब गांव को समरस गांव भी घोषित कर दिया गया। माना जा रहा है मालवा प्रांत ही नहीं, अपितु मप्र का यह पहला ऐसा गांव है, जहां इस तरह की घोषणा हुई है।

हमारा रिंगनोद-समरस ग्राम

घोषणा सोमवार रात हिंदू उत्सव समिति द्वारा आयोजित भारत माता की आरती के दौरान राष्ट्रीय संतों, कथावाचकों, एसडीएम और एसडीओपी सहित ग्रामीणों की उपस्थिति में की गई। रात करीब 10 बजे हुई इस घोषणा का मूल मंत्र दिया गया हमारा रिंगनोद-समरस ग्राम।

हिंदू उत्सव समिति द्वारा पिछले आठ वर्ष से की जा रही भारत माता की आरती में हजारों लोगों की उपस्थिति होती है। सोमवार रात भी पांच हजार से ज्यादा श्रद्धालु आरती में शामिल हुए। ग्राम को गौरवान्वित करने वाले युवक-युवतियों को एसडीएम राहुल चौहान, एसडीओपी आशुतोष पटेल, भाजपा जिलाध्यक्ष मनोज सोमानी आदि ने सम्मानित किया।

गांव के हर घर पर लगेगा समरसता स्टीकर

हिंदू उत्सव समिति के सदस्यों ने बताया कि समरस गांव घोषित होने के बाद अब गांव के हर घर में महापुरुषों के चित्र से बने समरसता स्टीकर चस्पा किए जाएंगे। इससे पूर्व मंच पर स्टीकर का विमोचन हुआ। कथावाचक गोपाल कृष्णजी ने विमोचन कर जनसमुदाय को समरसता का संकल्प दिलवाया।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.