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जोर पकड़ने लगी ठंड, सात शहरों में रात का पारा 15 डिग्री से नीचे पहुंचा

भोपाल । इस सीजन में पहली बार बंगाल की खाड़ी एवं अरब सागर में दो तीव्रतम चक्रवाती तूफान बने हुए हैं। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक इन तूफानों के कारण नम हवाएं इकट्ठी हो रही हैं। यही वजह है कि मध्य प्रदेश में लगातार उत्तरी हवाएं आ रही हैं। इससे तापमान में गिरावट हो रही है। इसी क्रम में बुधवार को प्रदेश में सबसे कम 14.1 डिग्री सेल्सियस तापमान छिंदवाड़ा एवं मलाजखंड में दर्ज किया गया। इन दो शहरों के अलावा राजगढ़, रायसेन, बैतूल, मंडला, रीवा में न्यूनतम तापमान 15 डिग्री सेल्सियस से कम दर्ज किया गया है। राजधानी में रात का तापमान 16 डिग्री सेल्सियस पर रहा, जो इस सीजन का सबसे कम तापमान है। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक तापमान में गिरावट का सिलसिला अभी जारी रह सकता है।

हवाओं का रुख उत्तरी

मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ मौसम विज्ञानी एचएस पांडे ने बताया कि वर्तमान में मध्य प्रदेश के मौसम को प्रभावित करने वाली कोई मौसम प्रणाली सक्रिय नहीं है। वातावरण में नमी नहीं रहने के कारण मौसम पूरी तरह शुष्क बना हुआ है। उत्तर की तरफ से आने वाली हवाओं के कारण पूरे प्रदेश में तापमान में गिरावट हो रही है।

लुढ़क रहा पारा

मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्व वरिष्ठ मौसम विज्ञानी अजय शुक्ला ने बताया कि वर्तमान में बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में तीव्रतम चक्रवाती तूफान बने हुए हैं। हालांकि इनका मप्र के मौसम पर असर नहीं है। उधर इन तूफानों के आसपास नम हवाओं का समूह इकट्ठा होने के कारण प्रदेश में उत्तरी हवाएं आ रही हैं। इस वजह से न्यूनतम तापमान में धीरे-धीरे गिरावट का सिलसिला शुरू हो गया है। अभी तीन-चार दिन तक मौसम का मिजाज इसी तरह बना रहने की संभावना है। इस दौरान प्रदेश में रात के तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट हो सकती है।

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