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न कंपनी मिली, न जॉब…लाखों गंवाए; मुंबई में भटकता रहा UP का युवक, साइबर ठगी की कहानी

साइबर अपराधी अब ठगी के तरह-तरह के पैंतरे अपना रहे हैं. इनके झांसे में आकर लोग अपनी जमा पूंजी गंवाते जा रहे हैं. उत्तर प्रदेश के गाजीपुर के युवक को भी साइबर ठगों ने अपना शिकार बनाया. ठगों ने नौकरी देने के नाम पर झांसे में लेकर युवक से 200000 रुपये खाते में ट्रांसफर करा लिए. साथ ही उसे मुंबई बुलाया. जब युवक मुंबई पहुंचा तो उनके बताए पते पर कोई नहीं मिला. अब इस मामले में पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई है.

सदर कोतवाली इलाके के झुन्नू लाल चौराहा के रहने वाले दिलीप गुप्ता बेरोजगार हैं. वह घर पर ही रहते हैं. इसी दौरान उन्हें फेसबुक पर शिपिंग कंपनी में जॉब का एक एड दिखा, जिस पर दिए हुए मोबाइल नंबर पर उन्होंने संपर्क किया. इस दौरान नौकरी के नाम पर पहले 140000 रुपये की डिमांड की गई, जिसे उन्होंने भेज दिया. फिर उन्होंने 77500 रुपये भेजे. फिर साइबर ठगों ने मेडिकल के नाम पर उन्हें मुंबई बुलाया.

मुंबई में भटकते रहे

इसके बाद 9 जून को दिलीप गुप्ता मुंबई पहुंचे. जब उन्होंने वहां पहुंचकर उस मोबाइल नंबर पर बात की तो उन्हें सीएनसी एसटी रोड मुंबई बुलाया गया. बताया गया कि वीजा जहाज में ही मिल जाएगा. लेकिन जब दिलीप बताए हुए स्थान पर पहुंचे तो मोबाइल से बात करने वाला वहां पर नहीं मिला. वे मुंबई में भटकते रहे. तब उन्हें लगा कि वह कहीं ना कहीं ठगी के शिकार हो गए हैं.

‘पैसा लौटाने के नाम पर टालमटोल करता रहा’

इसके बाद दिलीप वापस गाजीपुर आए और लगातार उस नंबर पर फोन करने का प्रयास करते रहे. तब एक सप्ताह बाद उस नंबर पर बात हुई और उस युवक ने कहीं भी रिपोर्ट दर्ज नहीं कराने की बात कही. साथ ही पैसा भी वापस करने की बात कही. लेकिन, पैसा लौटाने के नाम पर लगातार टालमटोल करता रहा.

पुलिस में की शिकायत

इसके बाद दिलीप गुप्ता की भांजी ने 9 जुलाई और 25 जुलाई को कोतवाली में प्रार्थना पत्र दिया. लेकिन, कोई कार्रवाई नहीं हुई. इसके बाद उसने पुलिस महानिदेशक वाराणसी के कार्यालय में अपना शिकायत पत्र दिया. इसके बाद उस शिकायत पर सदर कोतवाली में 27 अक्टूबर को धारा 419, 420 और 66 डी के तहत अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ.

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