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मुख्यमंत्री मोहन यादव ने उज्जैन में बिताई रात , तोड़ा रात नहीं रुकने का मिथक, बताई सिंधिया परिवार की कहानी…

उज्जैन। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने काफी सालों से प्रचलित एक मिथक तोड़ दिया है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने उज्जैन में रात बिताई और कहा है कि आगे भी वह उज्जैन में रुकेंगे। मुख्यमंत्री मोहन यादव अपने पुश्तैनी मकान में रुके और आज वह उज्जैन से रवाना होंगे। बता दें की मुख्यमंत्री मोहन यादव उज्जैन की दक्षिण विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं। उन्होंने यह मिथक तोड़ने से पहले जनसभा को संबोधित किया और कहा कि 211 साल पहले इस मिथक को तत्कालीन राजा दौलत राव सिंधिया ने बनाया था।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि तत्कालीन राजा महाद जी सिंधिया के निधन के बाद दौलत राव सिंधिया राजधानी को उज्जैन से ग्वालियर लेकर जाना चाहते थे। इसके लिए उन्होंने यह मिथक बनाया और उन्होंने कहा कि उज्जैन में राजा एक ही है बाबा महाकाल इसलिए दो राजा उज्जैन में निवास नहीं कर सकते। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि यह मिथक झूठा है और इसका शास्त्रों में भी कहीं कोई उल्लेख नहीं है।

मध्य प्रदेश में मोहन यादव के मुख्यमंत्री बनने के बाद यह सवाल उठने लगा था कि मध्य प्रदेश के नए मुख्यमंत्री मोहन यादव उज्जैन में रात बिताएंगे या नहीं? आपको बता दें की मुख्यमंत्री मोहन यादव का घर उज्जैन की गीता कॉलोनी में है और यहां पर मोहन यादव अपने पूरे परिवार के साथ रहते हैं उनके दो भाई और एक बड़ी बहन है। उन्होंने शनिवार को पूरे परिवार के साथ रात्रि विश्राम किया।

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