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उज्जैन जेल में जीपीएफ फर्जीवाड़ा के शिकार कर्मचारियों को बड़ी राहत, सरकार देगी पैसा

भोपाल। उज्जैन जेल में हुए जीपीएफ घोटाले के पीड़ितों के लिए राहत भरी खबर है। उनके खाते से फर्जीवाड़ा कर निकाली गई रकम की भरपाई सरकार करेगी। जेल महानिदेशक राजेश चावला के प्रवास में प्रहरी राम सुमिरन ने अपनी व्यथा सुनाते हुए कहा था कि उसकी बेटी के विवाह के लिए जीपीएफ से राशि नहीं निकल पा रही है। इसके बाद जेल विभाग ने कर्मचारियों की समस्या से सरकार को अवगत कराया।

जेल अधीक्षक ऊषा राज का फर्जीवाड़ा

यहां के ज्यादातर अधिकारी-कर्मचारियों के जीपीएफ खाते से वहां की तत्कालीन जेल अधीक्षक ऊषा राज ने फर्जीवाड़ा कर की ट्रेजरी से अवैध तरीके से भविष्य निधि (पीएफ) की राशि निकाल ली थी। पांच करोड़ 66 लाख रुपये के इस घोटाले में सरकार ने राज को निलंबित कर दिया था और जेल भी भेज दिया था लेकिन कर्मचारियों को उनकी रकम नहीं मिल पा रही थी।

वित्त विभाग ने दी अनुमति

अब वित्त विभाग ने अनुमति दी है कि सरकार की ओर से कर्मचारियों के खाते में फिर पीएफ की राशि डाली जाएगी। वित्त विभाग से राय लेने के बाद जेल विभाग ने यह निर्णय लिया है। यह राशि पांच करोड़ 66 लाख रुपये है। बता दें कि दो दिन पहले ही उज्जैन दौरे पर गए जेल महानिदेशक राजेश चावला से एक कर्मचारी ने रोते हुए गुहार लगाई थी कि पीएफ नहीं मिलने से वह अपनी बेटी की शादी नहीं कर पाा रहा है।

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