सागर। शहर में डोर-टू डोर कचरा कलेक्शन का काम करने वाली रैमकी कंपनी ने 89 महीने के बिल उपभोक्ताओं को एक साथ थमाए हैं। कंपनी नवंबर 2016 से कचरा कलेक्शन का कार्य कर रही है, लेकिन अभी तक किसी भी उपयोगकर्ता से शुल्क वसूली नहीं की गई। अब एक साथ 89 महीने के बिल उपभोक्ताओं को दिए जा रहे हैं, इससे उपयोगकर्ता भी सकते हैं।
लोगों ने जताया विरोध
एक साथ ढाई हजार रुपये का शुल्क लगने से कई वार्डों में लोग तो बिल लेने से ही बच रहे हैं। लोगों का कहना है कि जब कचरा हर रोज ले जा रहा है तो बिल भी महीने के महीने दिए जा सकते थे। अब एक साल करीब आठ साल का बिल मिलने से वे ऐसे कैसे भर पाएंगे।
वर्तमान में कचरा संग्रहण के यह बिल कचरा वाहन चलाने वाले ड्राइवर और हेल्पर्स के माध्यम से ही दिलाए जा रहे हैं। शहर के पाश इलाकों में तो एक मुश्त बिल मिलने से कोई परेशानी नहीं हो रही, लेकिन पिछड़ी बस्तियों में इससे आम लोग नाराज हैं।
कोविड के समय भी बांटे बिल
जानकारी के मुताबिक नवंबर 2016 से शुरू हुई इस योजना के तहत रैमकी कंपनी घर-घर जाकर कचरा ले रही है, लेकिन कंपनी ने बिलों को बांटने में शुरू से ही दिलचस्पी नहीं दिखाई। अब एक साथ बिलों को वसूला जा रहा है। नवंबर 2016 में रैमकी ने काम शुरू कर दिया था। तब से लेकर हर महीने 30 रुपये के हिसाब से बिल 2670 रुपये के दिए जा रहे हैं।
सूत्रों के मुताबिक नगर निगम ने कंपनी को हर महीने बिलों को बांटने के लिए कहा था, पर बिल जनरेट नहीं किए गए। कंपनी ने मांग की थी कि कचरा टैक्स संपत्ति कर से जोड़ दिया जाए। कंपनी की इस मांग को नगर निगम ने इसलिए खारिज कर दिया कि संपत्तिकर से जोड़ने से नगर निगम को ही नुकसान होगा, क्योंकि संपत्तिकर केवल एक बिल्डिंग का लिया जाता है। वहीं कचरा कलेक्शन बिल्डिंग में रहने वाले मकान मालिक के साथ-साथ किराएदारों से भी लिया जाना है। इससे संपति कर के साथ इसे नहीं दिया गया।
वर्तमान में नगर निगम साडिल वेस्ट मैनेजमेंट के तहत बिलों को जारी कर रही हैं ऐसे में एक परिवार को 30 रुपये महीने के हिसाब से 2670 रुपए 89 महीने के चुकाने होंगे। वहीं कमर्शियल उपयोगकर्ताओ को उनके क्षेत्र के हिसाब से शुल्क निर्धारित किया गया है। जो 50 से लेकर अलग-अलग निर्धारित है।
55 हजार परिवारों का दिया डाटा
रैमकी ने जो डाटा दिया है अभी करीब 55 हजार परिवारों से कचरा लिया जाता है। इसके अलावा कामर्शियल उपयोगकर्ता अलग हैं। ई-नगर पालिका के माध्यम से इनसे शुल्क लिया जाएगा।
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