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कड़ाके की ठंड, कोहरे और बरसते पानी में हुई किसानों की महापंचायत

इंदौर। इंदौर-बुधनी रेल लाइन के मुआवजे को लेकर किसान विरोध कर रहे है। रविवार को कड़ाके की ठंड, कोहरे और बरसते पानी के बीच किसानों की महापंचायत हुई। देवास जिले के बिजवाड क्षेत्र में हुई महापंचायत में इंदौर, देवास और सीहोर जिले के किसान शामिल हुए। किसानों ने बैठक में मुआवजा राशि बढ़ाने की मांग दोहराई। किसानों का कहना था कि पुरखो की जमीन कौड़ियों के दाम में नहीं देंगे।

महापंचायत में किसानों ने पुरानी मांगे दोहराई और कहा कि जब तक मांगे नहीं मानी जाती तब तक अधिकारी या ठेकेदार को खेतो में नहीं घुसने दिया जाएगा। किसान नेता हंसराज मंडलोई ने बताया कि पूर्व घोषणा के अनुसार खातेगांव विधानसभा क्षेत्र के मलजीपुरा गांव में किसानों की महापंचायत हुई, जो लगातार 5 घंटे तक चली।

इंदौर बुधनी रेलवे लाइन, पश्चिम रिंग रोड, इंदौर-बैतूल मार्ग के प्रभावित किसानों के साथ पीथमपुर क्षेत्र के प्रभावित किसानों के साथ इंदौर, हरदा, सीहोर, देवास एवं धार जिले के किसानों के साथ पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के गृह क्षेत्र बुधनी तक के किसानों ने महा पंचायत ने भाग लिया। वरिष्ठ किसान नेता संतोष पटेल साहब दखनाखेड़ी ने कहा कि जब तक हमारी मांगे सरकार मंजूर नहीं करती तब तक हमारा आंदोलन जारी रहेगा।

राहुल मीणा ने हुंकार भरते हुए कहा कि जब बागली व खातेगांव विधानसभा में पड़त भूमि वह वन भूमि मौजूद है, तो हमारी उपजाऊ भूमि लेकर हमारे परिवार को क्यों बर्बाद किया जा रहा है। उन्होंने भूमाफियाओं को फायदा पहुंचाने का आरोप भी सरकार पर लगाया। वन भूमि में से रेल लाइन निकालने की मांग की।

हर जिले में होगी पंचायत

सभी नेताओं ने चेतावनी दी कि अगर जल्द से जल्द हमारी मांगों का निराकरण नहीं किया गया, तो सभी जिलों में महापंचायत लगाई जाएगी। जिसकी जवाबदारी शासन-प्रशासन एवं सरकार की रहेगी। कार्यक्रम में किसान नेता महेश पटेल पिवड़ाय, दिलीप सिंह पवार, लखन पटेल, अभिषेक पंचोली, विजय सिंह परिहार, जितेंद्र पटेल, जगदीश डॉक्टर सहित अनेक जिलों के किसान नेता वह कार्यकर्ता उपस्थित थे।

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