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खरगोन के गांव में जिंदा महिला की निकाली गई शवयात्रा, पढ़‍िए इसके पीछे की वजह

टांडा बरुड़, खरगोन। गांव में मानसून की लंबी खेंच के चलते क्षेत्र के लोगों में बड़ी चिंता सताने लगी है। अभी तक क्षेत्र में मानसून की छूटपुट वर्षा ही रिकार्ड हुई है। एक लंबे समय से अच्छी वर्षा न होने से किसान अपनी फसलों को लेकर बड़े चिंतित हैं। इसका असर अब सीधे व्यापार- व्यवसाय पर भी पड़ता दिखाई दे रहा हैं। क्षेत्र में इंद्रदेवता को प्रसन्न करने के लिए अनेक जतन किए जा रहे हैं। लोग खेतों में बाग रोटी कर ईश्वर से इंद्रदेवता के बरसने की प्रार्थना कर रहे हैं। तो कई जगह मानसूनी बारिश के लिए काकड़ पूजन किया जा रहा है।

खरगोन में किसानों का मानना है कि अगर सप्ताह भर के बीच वर्षा नहीं हुई, तो खेतों में लहरा रही फसले चौपट हो जाएगी। फिर वापस किसान बैंकों का कर्जदार हो जाएगा। यहीं नहीं ग्रामवासियों को पीने के पानी के लिए भी लाले पड़ जाएंगे। जहां किसानों में फसलों को लेकर चिंता बनी हुई है। वहीं दूसरी ओर उन्हें अपने मवेशियों को लेकर भी चिंता खाए जा रही है। हालात यह है कि किसान अपने जेब का पैसा कृषी कार्य में पूरी तरह खर्च कर चुका है। इधर, पानी के अभाव में फसलें झुलस कर दम तोड़ रही है, जिसके चलते लोग अब क्षेत्र में इंद्र देव को मनाने के लिए नित नए जतन कर रहे हैं।

हाथों में मटकी लेकर चल रही थी एक महिला

शनिवार को दोपहर के समय ब्राह्मणपुरी मोहल्ले से सैकड़ों महिलाओं ने मिलकर एक जिंदा महिला की अर्थी सजा कर उसे गांव के मुख्य मार्गों से निकाली। इस अनूठी शवयात्रा में आगे आगे एक महिला अपने हाथों में एक मटकी लेकर चल रही थी। वहीं कई महिलाएं शवयात्रा के पीछे रुदन भरे स्वर में राम नाम सत्य है।

शवायात्रा में लगे मुर्दा बड़ा मस्त के है नारे

मुर्दा बड़ा मस्त है के नारे लगाती चल रही थी। शवयात्रा में महिला का चेहरा खुला व शरीर पर लाल साड़ी व फूल व गुलाल से पटा हुआ था। महिलाओं ने शवयात्रा को ग्राम के चौराहों पर रखकर महिलाएं रोने का नाटक करती रहीं। शवयात्रा पूरे गांव में घुमाने के बाद ब्राह्मणपुरी मोहल्ले में समापन हुआ। बताते हैं कि इस तरह के टोने टोटकों से इंद्र देवता प्रसन्न होते है। क्षेत्र में जमकर वर्षा होती है।

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