Breaking News in Hindi

गैंगरेप, मर्डर और पिंडदान… अब जिंदा घर लौटी लड़की, देखते ही पुलिस और परिवार के उड़े होश

बिहार के मोतिहारी से एक मृत लड़की के जीवित होने का मामला सामने आया है. लड़की के मां-बाप ने 19 जून को अपनी बेटी के अपहरण होने का मामला नजदीकी थाने में दर्ज करवाया था. शिकायत के आधार पर पुलिस ने एक शव को बरामद भी किया था, जिसके बाद मां-बाप ने बरामद लड़की की शिनाख्त भी की थी. लड़की की हत्या के मामले में जांच-पड़ताल करके पुलिस ने कुछ लड़कों को भी पकड़ा था, जिन्होंने अपना जुर्म भी कबूल किया था, लेकिन अब जिस लड़की को परिवार और पुलिस ने मृत घोषित किया था, वही लड़की जिंदा मिली है.

मामला मुफ्फसिल थाना क्षेत्र का है. मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के मनरेगा पार्क के पास पुलिस ने 22 जून को एक लड़की का शव बरामद किया था, जिसके बाद पुलिस ने जिले के अंदर थानों से जानकारी लेना शुरू की तो पता चला कि नगर थाने में 19 जून को एक लड़की के अपहरण का मामला दर्ज हुआ था. पुलिस ने अपहरण का मामला दर्ज करवाने वाले लड़की के माता-पिता को शव की शिनाख्त के लिए बुलाया तो दोनों ने उसे अपनी बेटी का शव होने का दावा किया था.

पुलिस ने परिजनों को सौंपा था शव

बेटी का शव होने के दावा करने के बाद पुलिस ने कानूनी कार्रवाई कर लड़की के शव को उसके परिजनों को सौंप दिया था. पुलिस लड़की के हत्या की गुत्थी को सुलझाने के लिए अपहरण के नामजद आरोपी के पीछे पड़ गई थी. पुलिस ने कार्रवाई को तेज करते हुए एक आरोपी गुड्डू साह को सीमावर्ती जिले से गिरफ्तार किया. पुलिस ने गुड्डू से पूछताछ की तो उसने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को स्वीकार कर लिया. आरोपी ने कहा था कि मैंने अपने दोस्तों के साथ मिलकर लड़की का रेप किया और जब लड़की मर गई तो हम लोगों ने मिलकर लड़की के शव को नदी में फेंक दिया.

लड़की ने किया पिता को फोन

पुलिस की जांच से स्पष्ट हो गया था कि लड़की के साथ गैंगरेप हुआ है. गैंगरेप की बात उजागर होते ही क्षेत्र की महिला संगठनों ने न्याय के लिए कैंडल मार्च निकाला. दूसरे आरोपी ने भी कोर्ट में सरेंडर कर दिया था. वहीं तीसरे आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार करके जेल भेज दिया था, लेकिन 23 जुलाई को अचानक मृत घोषित लड़की ने अपने पिता को फोन कर अपने जीवित होने की बात बताई तो उसके पिता ने रॉन्ग नंबर कहते हुए फोन कट कर दिया.

पुलिस ने दर्ज किया लड़की का बयान

इसके बाद एक पार्षद को इसकी जानकारी हुई तो उसने लड़की को शहर से 9 किलोमीटर दूर तुरकौलिया से सुरक्षित बरामद किया. पार्षद ने लड़की को पुलिस को सौंप दिया, जिसके बाद बरामद लड़की से पुलिस पूछताछ कर 164 का बयान दर्ज कराने के लिए मजिस्ट्रेट के सामने ले गई. अब देखना दिलचस्प ये होगा कि आखिर जब अपहरण हुई लड़की जिंदा है तो बरामद शव किसका था और गुड्डू साह ने किस दवाब में आकर जुर्म स्वीकार किया था.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.

ब्रेकिंग
इंडोनेशिया में माउंट अनाक क्राकाटाऊ में जोरदार विस्फोट, 50,000 फीट तक पहुंचा राख का गुबार भारत के राष्ट्रपति ने शिक्षकों को राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किए। Happy Teachers Day 2026: शिक्षक दिवस क्यों मनाया जाता है? जानें इतिहास और महत्व शुभ जन्माष्टमी: भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव पर देशभर में भक्ति और उल्लास Lucknow: महापौर सुषमा खर्कवाल ने सैन्य अधिकारियों संग मनाया रक्षाबंधन Shubhash Chandra Case: 6.5 करोड़ में रफा-दफा हो गया सुभाष चंद्रा का 22 हजार करोड़ का कर्ज, बैंक झेले... भलस्वा डेयरी में बाइक जब्ती के बाद पुलिसकर्मियों पर हमला, मिर्च पाउडर डालकर पीटने का आरोप चीनी के दाम बढ़ने की मुख्य वजह क्या है ? लोअर बर्थ के नीचे सामान पर किसका हक? योगी आदित्यनाथ सरकार ने 52 प्रमुख नेताओं को दी बुलेटप्रूफ जैकेट, कीमत 10 लाख रुपए....