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घाटों पर क्रेन व जेसीबी से मूर्तियों का विसर्जन शुरू, बड़ी मूर्तियां धीरे धीरे बढ़ रही हे घाट की तरफ

भोपाल। शहर में दशहरा पर्व मनाने के साथ-साथ शहरवासियों ने मातारानी की छोटी मूर्तियों को विसर्जित किया। नगर निगम के कर्मचारियों ने क्रेन व जेसीबी के मदद से दुर्गा मूर्तियों का विसर्जन किया गया। भोपाल में दुर्गा मूर्तियों का विसर्जन तीन दिन तक चलेगा। खटलापुरा, प्रेमपुरा समेत सभी छह घाटों पर क्रेन की व्यवस्था की गई है। रविवार को चल समारोह निकालने के साथ ही बड़ी मूर्तियों को विसर्जित किया जाएगा।

इससे पहले भी नवमीं को भोपाल की कुछ दुर्गा समीतियों ने पंडालो से सीधे विसर्जन घाट पहुचकर मां दुर्गा की प्रतिमा का विसर्जन किया। घाटों पर सुरक्षित मां दुर्गा मूर्तियों विसर्जन हुआ। शहर के सभी विसर्जन घाटों पर क्रेन-जेसीबी से मूर्तियां विसर्जित की गईं। किसी को भी पानी में उतरने नहीं दिया गया। सुरक्षा के लिहाज से भी कड़े इंतजाम किए गए। विसर्जन के लिए घाटों पर लोग पहुंचे।

निकलेगा झांकियों का चल समारोह

दशहरा के दूसरे दिन श्री हिंदू उत्सव समिति के ओर से बड़ी झांकियों का चल समारोह निकाला जाता है। झांकियों को टोकन के हिसाब से खड़ा करना होता है पूरी रात झांकियों का चल समारेाह निकलता है । चल समारोह के आधार पर झांकियों को समिति द्वारा पहला और दूसरा स्थान दिया जाता है।

एक हजार कर्मचारी तैनात

शहर के खटलापुरा, प्रेमपुरा, बैरागढ़, हथाईखेड़ा, शाहपुरा, आर्च ब्रिज और मालीखेड़ी में विसर्जन का सिलसिला चलता रहा। इनके अलावा सीहोर नाका, अनंतपुरा, ईंटखेड़ी और नरोन्हा सांकल में भी विसर्जन की व्यवस्था की गई । सभी घाटों पर जिला प्रशासन, नगर निगम और पुलिस के करीब 1 हजार अधिकारी-कर्मचारी तैनात किए गए ।

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