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चंडीगढ़: IPS हरकीरत सिंह थे टारगेट, जानकारी के अभाव में प्रिंसिपल बने निशाना, हैंड ग्रेनेड हमले का सामने आया खालिस्तानी कनेक्शन

चंडीगढ़ के सेक्टर 10 स्थित कोठी में हैंड ग्रेनेड हमले का खालिस्तानी कनेक्शन सामने आया है. पुलिस सूत्रों के मुताबिक यह हमला अमेरिका और पाकिस्तान में बैठे खालिस्तानी आतंकियों ने अपने स्लीपर सेल के जरिए अंजाम दिया है. वास्तव में खालिस्तानियों के निशाने पर यह कोठी थी ही नहीं, बल्कि उनके निशाने पर पंजाब के रिटायर्ड एसपी हरकीरत सिंह थे. कुछ साल पहले तक वह इस कोठी में रहते थे, लेकिन बाद में उन्होंने अपना आवास बदल लिया था.

इधर, प्रॉपर जानकारी के अभाव में खालिस्तानियों ने उनकी पुरानी कोठी पर हमला कर दिया. जबकि इस समय इस कोठी में एक रिटायर्ड प्रिंसिपल अपने परिवार के साथ रह रहे थे. पुलिस सूत्रों के मुताबिक चंडीगढ़ सेक्टर 10 स्थित जिस कोठी में हैंड ग्रेनेड से अटैक हुआ है, उसमें कुछ साल पहले तक आईपीएस हरकीरत सिंह रहा करते थे. खालिस्तानी आतंकी काफी समय से आईपीएस हरकीरत सिंह की हत्या की योजना बना रहे हैं और साल 2023 में एक बार प्रयास भी किया था.हालांकि उस समय उनकी योजना सफल नहीं हुई थी. इसके बाद ही हरकीरत सिंह ने अपना आवास बदल लिया था.

पचिया और रिंदा ने दिया वारदात को अंजाम

इसी के साथ उन्होंने अपनी सुरक्षा व्यवस्था भी टाइट कर ली थी. घटना स्थल से मिले इनपुट के अधार पर पुलिस को शक है कि यह वारदात अमेरिका में बैठे खालिस्तानी आतंकी हरप्रीत सिंह उर्फ हैप्पी पचिया और पाकिस्तान में बैठे हरविंदर सिंह रिंदा ने अंजाम दिया है. इसके पीछे उनके दो उद्देश्य हैं. एक तो पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई को खुश करना है और दूसरा आईपीएस हरकीरत सिंह से बदला लेना है. वर्षों पहले अमृतसर में एसपी रखते हुए आईपीएस हरकीरत सिंह ने खालिस्तानी आतंकियों की मुश्कें कस दी थीं. नौबत यहां तक आ गई कि कई खालिस्तान समर्थकों को विदेश भागना पड़ा था.

आईएसआई ने की मध्यस्थता

चंडीगढ़ पुलिस ने साल 2023 में इस कोठी की रैकी कराने और हमले की कोशिश करने का मुकदमा भी दर्ज किया था. इसमें पुलिस ने लिखा था कि पचिया ने पूर्व एसपी के आवास पर हमले की कोशिश की, लेकिन उनकी योजना विफल हो गई. पुलिस के मुताबिक आईएसआई की मध्यस्थता में पचिया और रिंदा ने हाथ मिलाया है. अब यह दोनों संगठन भारत में खासतौर पर पाकिस्तान में दहशत फैलाने की योजना पर काम कर रहे हैं. इस इनपुट के बाद चंडीगढ़ और पंजाब की क्राइम ब्रांच की टीमें तो जांच तेज कर दी है. वहीं मामले में आईबी और एनआईए की टीम भी इंटरपोल की मदद से जांच कर रही है.

दो संदिग्धों के स्कैच जारी

चंडीगढ़ सेक्टर 10 कोठी में हैंड ग्रेनेड फेंकने वाले दो संदिग्धों के स्कैच जारी किए गए हैं. यह स्कैच पुलिस ने पकड़े गए ऑटो चालक की निशानदेही पर तैयार किए हैं. अब पुलिस ने इन दोनों के बारे में जानकारी देने वालों को दो लाख रुपये ईनाम की घोषणा की है.चंडीगढ़ पुलिस के मुताबिक कोठी में कम तीव्रता वाला विस्फोट किया गया था. इस वारदात के लिए आरोपियों ने सेक्टर 43 में ऑटो हॉयर किया था. पुलिस के मुताबिक जिस कोठी में हैंड ग्रेनेड फेंका गया था वह हिमाचल प्रदेश स्थित एक स्कूल से सेवानिवृत्त प्रिंसिपल केके मल्होत्रा ​​का है. एक समय में इस कोठी में पूर्व आईपीएस रहा करते थे.

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