Breaking News in Hindi

चंद्रयान-3 की सॉफ्ट लैंडिंग के बाद, ISRO Aditya-L1 सूर्य मिशन के लिए कर रहा है तैयारी

चेन्नई:  भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) की नजर चंद्रमा के बाद अब सौरमंडल के सबसे गर्म और सबसे बड़े सदस्य सूर्य की सबसे चुनौतीपूर्ण सतह की पर उतरने पर है। अंतरिक्ष एजेंसी सूर्य का अध्ययन करने के लिए आदित्य-एल1 सौर अन्वेषण मिशन के प्रक्षेपण की तैयारी कर रही है।

Aditya-L1 मिशन को ISRO PSLV रॉकेट द्वारा सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र एसएचएआर (एसडीएससी एसएचएआर), श्रीहरिकोटा से प्रक्षेपित किया जायेगा। इसके बाद कक्षा को और अधिक अण्डाकार बनाया जाएगा और बाद में अंतरिक्ष यान को ऑन-बोर्ड प्रणोदन का उपयोग करके लैग्रेंज बिंदु एल-1की ओर प्रक्षेपित किया जाएगा।

L1 बिंदु के चारों ओर प्रभामंडल कक्षा में रखे गए उपग्रह को बिना किसी ग्रहण/ग्रहण के सूर्य को लगातार देखने का प्रमुख लाभ होता है। इससे वास्तविक समय में सौर गतिविधियों और अंतरिक्ष मौसम पर इसके प्रभाव को देखने का अधिक लाभ मिलेगा। जैसे ही अंतरिक्ष यान एल 1 की ओर यात्रा करेगा, यह पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र (SOI) से बाहर निकल जाएगा। SOI से बाहर निकलने के बाद, क्रूज़ चरण शुरू हो जाएगा और बाद में अंतरिक्ष यान को L1 के चारों ओर एक बड़ी प्रभामंडल कक्षा में स्थापित किया जाएगा। लॉन्च किये जाने के बाद से एल1 तक की कुल यात्रा में Aditya-L1 को लगभग चार महीने लगेंगे।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.

ब्रेकिंग
सड़क बनेगी तो धंसेगी, धंसेगी तो बनेगी: केशव मौर्य इंडोनेशिया में माउंट अनाक क्राकाटाऊ में जोरदार विस्फोट, 50,000 फीट तक पहुंचा राख का गुबार भारत के राष्ट्रपति ने शिक्षकों को राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किए। Happy Teachers Day 2026: शिक्षक दिवस क्यों मनाया जाता है? जानें इतिहास और महत्व शुभ जन्माष्टमी: भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव पर देशभर में भक्ति और उल्लास Lucknow: महापौर सुषमा खर्कवाल ने सैन्य अधिकारियों संग मनाया रक्षाबंधन Shubhash Chandra Case: 6.5 करोड़ में रफा-दफा हो गया सुभाष चंद्रा का 22 हजार करोड़ का कर्ज, बैंक झेले... भलस्वा डेयरी में बाइक जब्ती के बाद पुलिसकर्मियों पर हमला, मिर्च पाउडर डालकर पीटने का आरोप चीनी के दाम बढ़ने की मुख्य वजह क्या है ? लोअर बर्थ के नीचे सामान पर किसका हक?