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चंबल किनारे उठा सकेंगे ऊंट सफारी का लुत्फ, कैपिंग भी होगी शुरू

भिंड। चंबल पर्यटकों के लिए हमेशा ही आकर्षण का केंद्र रही है। चंबल सेंक्चुरी में घड़ियाल, मगरमच्छ देश विदेश के सैकड़ों पक्षी, डॉल्फिन पर्यटकों को अपनी और खींचते हैं।

चंबल सेंक्चुरी ईको टूरिज्म की डवलपमेंट के रूप में तैयार करने की योजना है। अब वो दिन दूर नहीं, जब यहां आने वाले देशी विदेशी सैलानी ऊंट की सवारी कर चंबल सेंक्चुरी का लुत्फ उठा सकेंगे।

इतना ही नहीं, चंबल नदी का दूर-दूर तक फैला रेत, कल-कल करता पानी, तेज हवा के झोंके का अहसास कैपिंग कर ले सकेंगे। पर्यटकों को बढ़ावा देने के लिए चंबल सेंक्चुरी को विकसित करने की योजना है। चंबल सेंक्चुरी से मिली जानकारी के अनुसार भिंड जिले की अटेर तहसील में चंबल नदी किनारे ऊंट सफारी शुरू किए जाने की योजना तैयार की गई है।
फिलहाल सफारी शुरू कराए जाने के लिए अटेर किले के पास चंबल नदी किनारे जगह चिह्नित की गई है। बता दें कि इसी जगह अटेर चंबल महोत्सव का आयोजन होता है। ऊंट सफाई के साथ-साथ यहां खाने-पीने की चीजों के स्टॉल भी लगाए जाएंगे।
इसके साथ ही मुरैना जिले के अंबाह में बाबू सिंह की घेर में रात के समय कैपिंग शुरू की जाएगी। जहां सैलानी रात के समय चंबल नदी किनारे रुक कर प्रकृति का आनंद ले सकेंगे।
ऊंट सफारी और कैपिंग शुरू कराए जाने का प्रस्ताव बनाकर चंबल सेंक्चुरी द्वारा ईको पर्यटन विभाग भोपाल को भेजा जा चुका है। पर्यटन विभाग से स्वीकृति मिलते ही इस दिशा में प्रयास शुरू कर दिए जाएंगे।

कैपिंग के दौरान यह मिलेंगी सुविधाएं

नदी किनारे तंबू में रहना अपने आप में एक आनंददायक यात्रा अनुभव है। जिस तरह से उत्तराखंड के ऋषिकेश में गंगा नदी किनारे कैपिंग की जाती है। ठीक उसी तर्ज पर चंबल नदी किनारे कैपिंग शुरू कराए जाने की योजना तैयार की गई है।
कैंप में बुनियादी जरूरतों को पूरा करने के लिए सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। कैंप के अंदर कीड़े-मकौड़ों प्रवेश न कर सकेंगे। इस बात का विशेष ध्यान रखा जाएगा। कैंप में एलईडी, बैड, टेबल-कुर्सी, एसी और टॉयलेट की सुविधा मिलेगी।
इसके साथ ही चंबल नदी किनारे सर्दियों में अलाव के बीच संगीत के साथ आप व्यंजनों का लुत्फ उठा सकेंगे। साथ ही सर्वोत्तम प्रकार के पोषक तत्वों के साथ मेहमानों का मनोरंजन करने के लिए व्यवस्थाएं जुटाई जाएंगी। चंबल नदी किनारे ऊंट सफाई और कैपिंग शुरू कराए जाने का प्रस्ताव ईको पर्यटन विभाग भोपाल को भेजा जा चुका है। स्वरूप दीक्षित, डीएफओ चंबल सेंक्चुरी।

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