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चार धाम यात्रा में दो दिनों के लिए ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन किया गया बंद

उत्तराखंड में चार धाम की यात्रा के लिए कराए गए रजिस्ट्रेशन ने पिछले सालों के आंकड़ों को पीछे छोड़ दिया है. मंदिर के कपाट खुलने के बाद हजारों की संख्या में श्रद्धालु दर्शन कर रहे हैं, जिसमें ज्यादा भीड़ के कारण कुछ अव्यवस्थाओं की तस्वीर भी सामने आ रही हैं. ऐसे में भारी भीड़ को देखते हुए ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन को बुधवार और गुरुवार को बंद करने का फैसला लिया गया है.

वहीं दर्शन के लिए ऑनलाइन कराए जाने वाले रजिस्ट्रेशन अभी भी जारी रहेंगे. ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन के लिए श्रद्धालुओं को हरिद्वार और ऋषिकेश जाना पड़ रहा था. चारों धामों में जरूरत से ज्यादा भीड़ वहां गए हुए श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए खतरा पैदा कर सकता है. प्रशासन की ओर से इसी भीड़ को देखते हुए कुछ दिनों के लिए वीआईपी दर्शन को भी रोका गया है.

इस साल 44 फीसदी रजिस्ट्रेशन हुए ज्यादा

गढ़वाल प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि अभी कुछ दिन रुककर ही दर्शन के लिए आएं. श्रद्धालुओं की बेहिसाब भीड़ उनकी सुरक्षा के लिए खतरा पैदा कर रही है. चार धाम में दर्शन करने के लिए भक्तों को जगह-जगह रोककर दर्शन के लिए भेजा जा रहा है. अनुमान के मुताबिक, इस साल चार धाम में दर्शन करने के लिए श्रद्धालुओं की संख्या में 44 फीसदी की बढ़त हुई है. गढ़वाल प्रशासन के मुताबिक, चार धाम यात्रा के लिए अब तक 26 लाख से ज्यादा रजिस्ट्रेशन कराए जा चुके हैं.

गंगोत्री धाम में अभी तक 51 हजार से ज्यादा श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं, जबकि यमुनोत्री धाम में 59 हजार और सबसे ज्यादा केदारनाथ धाम में एक लाख 26 हजार से ज्यादा लोग यहां दर्शन कर चुके हैं. बद्रीनाथ धाम में 39 हजार श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं. चार धाम में लगातार भक्तों की भीड़ प्रशासन के सामने चुनौती है. वह इतनी ऊंचाई पर कैसे अव्यवस्था को फैलने से रोक पाती है, यह वाकई में बहुत बड़ी चुनौती है.

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