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चुपके से बढ़ा दिए दूध के दाम, लोगों में नाराजगी; विरोध शुरू

जबलपुर। जबलपुर में दूध के दाम फिर बढ़ा दिए हैं। कई डेयरी संचालकों द्वारा चुपके से दो रुपये तक दाम बढ़ाए जाने से लोगों में नाराजगी है। इधर समाजिक और उपभोक्ता संघ इसके विरोध में उतर आए हैं। उन्होंने सीधे तौर पर आरोप लगाया है कि जबलपुर में लाखों लीटर दूध होने के बाद भी अधिकांश बाहर भेज दिया जाता है और शेष व खराब क्वालिटी का दूध महंगे दाम पर बेचा जा रहा है।

दो रुपये दाम बढ़ाने और चिल्लर की कमी बताकर 70 रुपये तक वसूलने के आरोप

नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शन मंच ने दूध में हो रही मिलावट जांच बंद करने पर प्रशासनिक का आड़े हाथ दिया। वहीं मंगलवार को प्रमुख पेंशनर्स एसोसिएशन ने कलेक्टर सौरभ सुमन ने मुलाकात कर बढ़े दाम को वापस कराने की मांग की। उन्होंने डेयरी संचालकों पर चुपचाप तरीके से दो रुपये दाम बढ़ाने और चिल्लर की कमी बताकर 70 रुपये तक वसूलने के आरोप लगाए। कलेक्टर ने उन्हें आश्वासन दिया कि वे जल्द ही इस संबंध में संबंधित अधिकारियों से चर्चा करेंगे।

मिलावट से मुक्ति अभियान भी बंद कर दिया गया

नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शन मंच के डा. पीजी नाजपांडे ने कहा कि मौके पर ही दूध के साथ घी, मिठाई की जांच की जाए। इसके लिए फूड सेफ्टी व्हील्स शुरू किया गया था, लेकिन यह यूनिट अब डप्प पड़ी है। इधर 9 नवंबर 2022 को राज्य सरकार द्वारा मिलावट से मुक्ति अभियान शुरू किया गया था, लेकिन यह भी बंद कर दिया गया।

डेरी वालों ने दाम को बढ़ा दिए

प्रमुख पेंशनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष एचपी उरमलिया ने बताया कि शहर में डेरी वालों ने दाम को बढ़ा दिए हैं। यह अभी तक 66 रुपये मिल रहा था, जो अब 68 कर दिया है, लेकिन उपभोक्ता से चिल्लर के बहाने 70 रुपये तक कर दिया है। इस संबंध में कलेक्टर ने शिकायत की गई है। उन्हें विस्तार से सभी बिंदुओं के बारे में बताया। इस दौरान मंडल की ओर से अध्यक्ष एचपी उरमलिया, शेषमणि पांडे, गौरी शंकर पांडे, रोहन अग्रवाल, एके पिल्ले, राधारमन तिवारी, आरके श्रीवास्तव, सतीय राय, एसके खरे आदि मौजूद रहे।

खाद्य पदार्थों में मिलावट रोके, बना निगरानी दल

कलेक्टर ने मंगलवार को खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकने तथा बिना लाइसेंस और लाइसेंस की शर्तों का उल्लंघन करते हुए खुले में मांस-मछली के विक्रय को प्रतिबंधित लगाया जाएगा। इसके लिए कलेक्टर द्वारा गठित जिला स्तरीय विशेष निगरानी दल बनाया गया है। इस दल के सदस्यों की बैठक में दूध और दुग्ध उत्पादों एवं अन्य सभी प्रकार कर खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकने तथा बिना अनुज्ञा या लायसेंस के खुले में मांस-मछली के विक्रय को रोकने आकस्मिक निरीक्षण की कार्ययोजना तैयार की गई।

आकस्मिक निरीक्षण किया जाएगा

खाद्य सुरक्षा अधिकारी पंकज श्रीवास्तव ने बताया कि जबलपुर दुग्ध संघ के कार्यालय में आयोजित जिला स्तरीय विशेष निगरानी दल के सदस्यों की बैठक में स्कूल-कॉलेज के छात्र-छात्राओं हेतु कार्यशाला आयोजित करने एवं उन्हें सामान्य अपद्रव्यों की जांच की आसान विधियों से अवगत कराने का निर्णय भी लिया गया। दूध एवं दुग्ध उत्पादों का निर्माण, विक्रय व परिवहन करने वाले कारोबारियों को चिन्हित करने तथा आकस्मिक निरीक्षण किया जाएगा।

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