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छिंदवाड़ा में आदिवासी समाज के युवक की रिहाई पर चक्का जाम खत्म, ऐसे बनी बात

दमुआ छिंदवाड़ा । छिंदवाड़ा के दमुआ में सिंचाई काम्प्लेक्स के तहत हिरदागढ़ में बनने वाले संगम 1 बांध का विरोध करने वाले प्रभावित आदिवासी समाज का चक्काजाम किया गया। धनपाल उर्फ धन्नू धुर्वे की रिहाई प्रकिया शुरू होते ही खत्म हो गया।

गिरफ्तारी को असंवैधानिक बता कर प्रशासन से उसे छुड़ाने की मांग कर रहे थे

लगभग दो घंटे तक दीन दयाल तिराहे पर बैठे आदिवासी समाज ने शुक्रवार को थाने में अपने साथी की रिहाई की मांग यह कहते हुए की थी कि आखिर किस अपराध में उस पर मामला बनाया गया आदिवासी समाज के लोग धन्नू धुर्वे की प्रशासन द्वारा की गई गिरफ्तारी को असंवैधानिक बता कर प्रशासन से उसे छुड़ाने की मांग कर रहे थे।

बांध निर्माण से पहले ग्राम सभा की स्वीकृति लेनी थी

समाज के लोगों का कहना है कि क्षेत्र में पेसा एक्ट लागू है ऐसे में बांध निर्माण से पहले ग्राम सभा की स्वीकृति लेनी थी। यह भी कहा गया कि ग्राम सभा लोकसभा विधानसभा से ऊपर है। समाज ने शनिवार भी थाने में ग्रामसभा लगा कर पुलिस प्रशासन से धन्नू धुर्वे की गिरफ्तारी की वजह पर सवाल जवाब कर रहे थे।

गैर जमानती धारा के तहत पंजीबद्ध मामले में आरोपित था

पुलिस प्रशासन के अधिकारियों ने समाज के लोगों को यह समझाने की कोशिश भी की कि वह गैर जमानती धारा के तहत पंजीबद्ध मामले में आरोपित था। इसीलिए उसकी गिरफ्तारी की गई। आदिवासी समाज और पुलिस प्रशासन के बीच सोमवार भी वैसी ही सवाल जवाब हुए जैसे शनिवार हुए थे।समाज ने अपने आंदोलन को बढ़ाते हुए चक्काजाम तक पहुंचा दिया।

जुन्नारदेव और परासिया एसडीओपी से युवक की चर्चा हुई

लगभग 3 बजे से लोग 5 बजे के आसपास तक तिराहे पर जमे रहे। इस बीच आंदोलन की अगुवाई करने वाला शिव रावण गोंड हाथों में कागज लेकर पुलिस के अधिकारियों से चर्चा करने थाने के मुख्य गेट तक आया। यहां जुन्नारदेव और परासिया एसडीओपी से उसकी चर्चा हुई ।प्रशासनिक अधिकारियों ने धन्नू धुर्वे की रिहाई के लिए प्रक्रिया संबंध बातें की । पुलिस का एक अधिकारी और समाज के कुछ लोग धन्नू धुर्वे को लाने के लिए निकले और अगुवाई करने वाला नेता समाज को लेकर गोंडवाना भवन की तरफ बढ़ गया ।

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